कल से सावन का महीना शुरू है. अब खाने-पीने को लेकर कई तरह के सवाल दिमाग में आएंगे, जिनमें से एक सवाल जो हर कोई जानना चाहता है वो है कि सावन के महीने में दूध पीना फायदेमंद है या नहीं? इसी विषय पर एनडीटीवी ने डॉक्टर राम अवतार से बात की। बातचीत में डॉक्टर ने जो बताया उससे साफ हो गया कि सावन के महीने में दूध पीना चाहिए या नहीं.
डॉ. राम अवतार को योग, आयुर्वेद, नाड़ी विज्ञान और न्यूरोथेरेपी के क्षेत्र में 38 वर्षों से अधिक का अनुभव है. इन सभी सवालों का जवाब देते हुए डॉक्टर ने बताया कि सावन बारिश का मौसम लेकर आता है. इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और पाचन कमजोर हो जाता है, जिसकी वजह से शरीर को कई तरह की दिक्कतें जैसे गैस, पेट फूलना या अपच जैसी का सामना करना पड़ सकता है. यही कारण है सावन में दूध और दूसरी हैवी खाने की चीजों को खाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार बारिश के मौसम में पेट कमजोर हो जाता है. वहीं दूध थोड़ा भारी होता है. ऐसे में जिन लोगों का पाचन पहले से ही कमजोर रहता है उन्हें गैस, अपच, पेट में फूलापन और कब्ज जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
सावन में दूध पीना चाहिए या नहीं?
आयुर्वेदाचार्य एवं योग गुरु डॉ. राम अवतार (Prof. Dr. Ram Avtar) के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को दूध से एलर्जी नहीं है और उसका पेट भी ठीक रहता है, तो वह दूध का सेवन कर सकता है.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
- जिन्हें लैक्टोज इंटॉलरेंस की समस्या हो.
- जिन्हें दूध पीने के बाद गैस, अपच या पेट फूलने की शिकायत होती हो.
- जिन्हें बार-बार सर्दी, कफ या सांस संबंधी समस्याएं रहती हों.
- जो व्रत रख रहे हों और धार्मिक कारणों से दूध से परहेज करना चाहते हों.
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