मौसम में बदलाव होते ही खाने की थाली में मूली सबसे पहले नजर आती है. पराठों से लेकर दाल-चावल तक के साथ मूली का मजा ही अलग होता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप रोजाना मूली खाना शुरू कर दें, तो शरीर पर इसका क्या असर होगा? क्या यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने के काम आती है या इसके पीछे सेहत? इस बारे में हमने यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सैयद अहमद खान से बात की. उन्होंने बताया कि मूली सिर्फ एक आम सब्जी नहीं है, बल्कि यह किसी औषधि से कम नहीं है. अगर इसे सही तरीके और नियमित रूप से खाया जाए, तो यह शरीर की कई छोटी-बड़ी परेशानियों को दूर कर सकती है. आइए जानते हैं कि रोज मूली खाने से हमारे शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं और इसे डाइट में कैसे शामिल किया जाना चाहिए.
मूली को डाइट में कैसे करें शामिल-
- सलाद- दोपहर या रात के खाने के साथ ताजी मूली को गोल या लंबी स्लाइस में काटकर खाएं. आप चाहें तो इस पर हल्का सा नींबू का रस और काला नमक छिड़क सकते हैं.
- लंच में- मूली को हमेशा दिन के समय खाना बेहतर माना जाता है. रात के समय कच्ची मूली खाने से कई बार पचने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए कोशिश करें कि इसे दोपहर के खाने में खाएं.
- मूली का जूस- अगर आप चाहें तो सुबह के समय ताजा मूली का थोड़ा सा रस निकाल कर पी सकते हैं. यह पेट और लिवर की सेहत के लिए बहुत बढ़िया होता है.
- मूली के पत्ते- मूली के पत्तों में भी बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं. आप इनकी भुजिया या सब्जी बनाकर खा सकते हैं, जो आयरन और फाइबर से भरपूर होती है.
मूली खाने के फायदे-
1. पेट और पाचन-
डॉ. सैयद अहमद खान के अनुसार, मूली हमारे पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है.

2. वजन घटाने-
जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए मूली एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और पानी की मात्रा ज्यादा होती है. इसे खाने से काफी देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और आप ज्यादा खाने से बच जाते हैं.
3. इम्यूनिटी-
मूली में विटामिन-सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने का काम करता है. सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचने के लिए मूली का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है.
एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.
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