विज्ञापन

आप भी है स्ट्रीट फूड लवर्स? जानें फूड प्वाइजनिंग से बचने के 10 गोल्डन रूल्स, हर बाहर खाने वाले को होने चाहिए पता

How to Avoid Food Poisoning: बाहर का खाना जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है. अगर सावधानी न बरती जाए, तो ये बीमार बना सकता है. इसलिए जरूरी है कि हम कुछ बेसिक नियम अपनाएं.

आप भी है स्ट्रीट फूड लवर्स? जानें फूड प्वाइजनिंग से बचने के 10 गोल्डन रूल्स, हर बाहर खाने वाले को होने चाहिए पता
कुछ बेसिक नियम फूड पॉइजनिंग से बचा सकते हैं. (AI Image)

Rules to Avoid Food Poisoning: ओडिशा के जाजपुर जिले में हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सड़क किनारे वेंडर का दही बड़ा खाने से 58 लोग बीमार पड़ गए, जिनमें 25 बच्चे शामिल थे. सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिलहाल हालत स्थिर है. इसी तरह कुछ दिन पहले झारखंड के गिरिडीह जिले के बजटो गांव में गोलगप्पे खाने के बाद 45 से ज्यादा लोग बीमार हो गए. बच्चों में तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखने को मिले. ये घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि बाहर का खाना जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है अगर सावधानी न बरती जाए. इसलिए जरूरी है कि हम कुछ बेसिक नियम अपनाएं, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे.

फूड प्वाइजनिंग से बचने के तरीके | Ways to Prevent Food Poisoning

1. साफ-सफाई सबसे पहले देखें

सिर्फ खाना नहीं, पूरी जगह को स्कैन करें. काउंटर पर जमी धूल, कूड़ेदान के पास मक्खियां, खुले में रखा कटा प्याज या चटनी, ये सब रेड फ्लैग हैं. गंदी जगह का मतलब है बैक्टीरिया और वायरस को खुला न्योता. स्ट्रीट फूड खा रहे हो तो देखें कि बनाने वाला हाथ धो रहा है या नहीं, और ग्लव्स/चिमटे यूज कर रहा है या नहीं.

ये भी पढ़ें: मई की तपिश में खराब हो सकती है तबीयत, जानें मौसम विभाग और डॉक्टरों की जरूरी सलाह

2. ताजा बना खाना ही खाएं

2 घंटे से ज्यादा बाहर रखा खाना, बार-बार गर्म किया हुआ समोसा या सुबह की बनी सब्जी शाम को सर्व करना रिस्की है. हमेशा कहें, "भैया गरम-गरम लगा दो." तवे से प्लेट में आया खाना सबसे सेफ होता है. बुफे में भी देखें कि फूड वार्मर ऑन है या नहीं.

Latest and Breaking News on NDTV

3. पानी की क्वालिटी पर ध्यान दें

फूड प्वाइजनिंग का 50% कारण दूषित पानी होता है. गोलगप्पे का पानी, जूस में डाला बर्फ, चटनी में इस्तेमाल पानी, ये सब साफ होना चाहिए. दुकानदार से पूछें RO का पानी है? बर्फ अगर ट्रांसपेरेंट न होकर सफेद, दूधिया है तो वो नल के पानी से बनी है. सफर में हों तो सील्ड बोतल या अपना पानी साथ रखें.

ये भी पढ़ें: 30 दिन रोज दही खाया, पेट की परेशानी में बड़ा फर्क दिखा

4. अधपका या कच्चा खाना न खाएं

स्ट्रीट फूड में हाफ-फ्राई मोमोज, कच्चा अंडा वाला बर्गर, या पिंक दिखने वाला कबाब अवॉइड करें. अंडे की जर्दी बहनी नहीं चाहिए, चिकन के अंदर गुलाबी हिस्सा नहीं दिखना चाहिए.

5. हाथों की सफाई जरूरी

आपके हाथ ही सबसे बड़े कैरियर हैं. नोट गिनने के बाद, बाइक चलाने के बाद या फोन यूज करने के बाद सीधे खाने लगना, बीमारी को दावत दे सकते हैं. खाने से पहले 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं. पानी न हो तो 60% अल्कोहल वाला सैनिटाइजर यूज करें. स्ट्रीट फूड खाते वक्त टिश्यू या स्पून यूज करना बेस्ट है.

Latest and Breaking News on NDTV

6. कटे-फटे फल और सलाद से बचें

कटा हुआ तरबूज, पपीता, खीरा-गाजर का सलाद खुले में 30 मिनट में बैक्टीरिया पकड़ लेता है. ऊपर से मक्खियां बैठती हैं, धूल जमती है. फलों का जूस भी अगर पहले से निकालकर रखा है तो रिस्की है. सेफ ऑप्शन: साबुत फल खरीदो, खुद छीलकर खाओ. सलाद अवॉइड करो, या ऐसी जगह लो जहां ऑर्डर पर फ्रेश काटते हों.

7. भीड़ वाले स्टॉल से खाएं

जहां लाइन लगी है, वहां खाना रुकता नहीं, बनता है और बिक जाता है. यानी स्टॉक फ्रेश रोटेट होता रहता है. खाली ठेले पर समोसे 3 घंटे से कड़ाही में पड़े हो सकते हैं. प्लस, लोकल लोग जहां खाते हैं वो क्वालिटी का भरोसा होता है.

ये भी पढ़ें: गर्मी का सितम: 45°C के टॉर्चर से कैसे बचें प्रेग्नेंट महिलाएं? एक्सपर्ट्स की ये सलाह जानना है बेहद जरूरी

8. खाने की स्मेल और स्वाद पर ध्यान दें

आपकी नाक और जीभ नेचुरल डिटेक्टर हैं. खट्टा दूध, बासी चावल की स्मेल, हल्की सी झाग वाली ग्रेवी, या चटनी में खट्टा-तीखा की जगह कड़वापन महसूस हो तो तुरंत रुक जाओ. पैसे दिए हैं तो खाना पड़ेगा वाली मेंटलिटी से फूड प्वाइजनिंग होती है. एक कौर में अजीब लगे तो पूरा छोड़ दो.

9. डिस्पोजेबल या साफ बर्तन का इस्तेमाल देखें

धोने के टब में वही काला पानी दिनभर यूज़ होता है. देखें कि प्लेट गीली है या उस पर दाग हैं. बेस्ट है केले का पत्ता, अखबार वाला दोना, या डिस्पोजेबल प्लेट मांगो. चम्मच भी चेक करो,  उस पर तेल/सब्जी चिपकी न हो.

Latest and Breaking News on NDTV

10. बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी

बच्चों का डाइजेस्टिव सिस्टम और बुजुर्गों की इम्युनिटी कमजोर होती है. 5 साल से छोटे बच्चे और 60 साल से ज्यादा वालों को डायरिया, उल्टी बहुत जल्दी डिहाइड्रेट कर देते हैं. इन्हें स्ट्रीट गोलगप्पे, कटे फल, मेयोनीज वाला बर्गर, कच्चा पनीर अवॉइड कराएं.

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

आजकल स्ट्रीट फूड का क्रेज बढ़ गया है, लेकिन हर वेंडर साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखता. गर्मी में तो बैक्टीरिया और तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा और बढ़ जाता है.

फूड प्वाइजनिंग के लक्षण | Symptoms of Food Poisoning

  • उल्टी और दस्त
  • पेट में दर्द
  • बुखार
  • कमजोरी और चक्कर

बाहर खाना पूरी तरह से छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन समझदारी से खाना बहुत जरूरी है. थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Avoid Food Poisoning, Street Food Safety, Food Poisoning Prevention, Safe Street Food, Eating Out Safely, Street Food Rules, Food Safety Tips, Healthy Street Food, Food Poisoning Causes, How To Avoid Food Poisoning, Street Food Hygiene, Safe Eating Tips, Prevent Stomach Infection, Food Safety Guidelines, Street Food Lovers, Food Poisoning Signs, Street Food Health Tips
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com