World Food Safety Day 2026: हर साल 7 जून को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद खाद्य सुरक्षा के बारे में खाद्य उत्पादक, उपभोक्ता और सरकार को जागरूक करना है. सरल शब्दों में कहें तो इस दिन को मनाने का मकसद सिर्फ एक है हमें यह समझाना कि जो खाना हम खा रहे हैं, वो पूरी तरह से सुरक्षित हो. खाने में जरा सी भी लापरवाही हमें बीमार कर सकती है.
आजकल लोग हेल्दी खाने और साफ-सफाई पर काफी ध्यान देने लगे हैं, लेकिन फिर भी किचन और खाने-पीने से जुड़े कई ऐसे मिथ (Myths) हैं, जिन्हें हम सच मानकर बैठे हैं. चलिए आज वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे के मौके पर खाने से जुड़े ऐसे ही 8 बड़े मिथ के बारे में जानते हैं.
खाने से जुड़े सबसे ज्यादा पूछे जानें वाले सवाल-
1. मिथ- खाना खराब है या नहीं, यह उसे सूंघकर या देखकर पता चल जाता है?
फैक्ट- बिल्कुल नहीं! ज्यादातर ऐसे बैक्टीरिया या वायरस जो आपको बीमार कर सकते हैं, वो खाने का रंग, रूप या उसकी खुशबू नहीं बदलते. अगर खाना दिखने और सूंघने में बिल्कुल ठीक लग रहा है, तब भी उसमें खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं. इसलिए सिर्फ अपनी आंखों या नाक पर भरोसा न करें.

सेहतमंद रहने के लिए फ्रेश और साफ-सुथरा खाना ही बेस्ट है. (Image NDTV)
2. मिथ- क्या बचे हुए खाने को फ्रिज में रखना जरूरी है?
फैक्ट- हां, बहुत जरूरी है. अगर पका हुआ खाना 2 घंटे से ज्यादा समय तक कमरे के तापमान (Room Temperature) पर खुला रहता है, तो वह खाने लायक नहीं बचता. बचे हुए खाने को हमेशा एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रखें.
3. मिथ- जमीन पर गिरी चीज को 5 सेकंड के अंदर उठा लो, तो क्या वो खाने लायक रहती है?
फैक्ट- नहीं, यह 5-सेकंड रूल सिर्फ एक अंधविश्वास है. जैसे ही कोई चीज जमीन पर गिरती है, कीटाणु उसी सेकंड उस पर चिपक जाते हैं. उसे जल्दी उठा लेने से वो साफ नहीं हो जाती. इसे खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए जमीन पर गिरी चीज को फेंक देना ही बेहतर है.
4. मिथ- क्या 3 दिन पहले खाए खाने से आज फूड पॉइजनिंग हो सकती है?
फैक्ट- हां, बिल्कुल हो सकती है. कई बार हमें लगता है कि सुबह कुछ गलत खाया था, इसलिए शाम को पेट खराब हो गया. लेकिन फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखने में कुछ घंटों से लेकर कई हफ्ते तक का समय लग सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पेट में किस तरह का बैक्टीरिया या वायरस गया है.
5. मिथ- जमी हुई चीजों (Frozen Food) को पिघलाने के लिए बाहर रूम टेम्परेचर पर छोड़ देना चाहिए?
फैक्ट- नहीं, यह तरीका गलत है. जब आप फ्रोजन फूड को बाहर टेबल पर पिघलने के लिए छोड़ते हैं, तो उसकी ऊपरी परत गर्म हो जाती है और वहां बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपने लगते हैं, जबकि अंदर का हिस्सा बर्फ ही रहता है. खाने को हमेशा फ्रिज के अंदर रखकर या ठंडे पानी में डालकर ही डिफ्रॉस्ट करें.
6. मिथ- क्या ऑर्गेनिक (Organic) फल और सब्जियों को धोने की जरूरत नहीं होती?
फैक्ट- हां, उन्हें भी धोना बहुत जरूरी है. भले ही वो ऑर्गेनिक हों, लेकिन उन पर धूल-मिट्टी, कीड़े और कुदरती खाद-पेस्टिसाइड्स के अंश हो सकते हैं. बाजार से आने वाले हर फल और सब्जी को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें.
7. मिथ- क्या फूड पॉइजनिंग का मतलब सिर्फ मामूली पेट दर्द या उल्टी-दस्त है?
फैक्ट- नहीं, ऐसा सोचना गलत है. हालांकि ज्यादातर मामलों में आराम करने और ओआरएस (ORS) पीने से पेट ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ गंभीर मामलों में फूड पॉइजनिंग जानलेवा भी हो सकती है. कुछ खतरनाक बैक्टीरिया शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और लंबे समय की बीमारी दे सकते हैं.
8. मिथ- अगर हैंड सैनिटाइजर लगा लिया, तो क्या हाथ धोने की जरूरत नहीं है?
फैक्ट- सैनिटाइजर तब के लिए अच्छा है जब पानी न हो, लेकिन यह साबुन-पानी का ऑप्शन नहीं है. खाना खाने या बनाने से पहले हाथों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह रगड़कर धोना ही सबसे सुरक्षित तरीका है.
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