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बरसात में छिपा है ब्रेन का दुश्मन ये कीड़ा, पेट से होते हुए दिमाग पर कर सकता है अटैक

बरसात में न सिर्फ डेंगू, मलेरिया का डर रहता है, बल्कि ब्रेन पर अटैक करने वाले कीड़े का भी काफी डर है. यहां हम इसके बारे में न्यूरोलॉजिस्ट से बातचीत करेंगे-

बरसात में छिपा है ब्रेन का दुश्मन ये कीड़ा, पेट से होते हुए दिमाग पर कर सकता है अटैक
Brain Health : बरसात में ये कीड़ा ब्रेन पर कर सकता है अटैक

बरसात का सीजन हम में से कई लोगों को काफी पसंद होता है, लेकिन ये एक ऐसा सीजन है तो खुशनुमा होने के साथ अपने साथ कई बीमारियां भी लाता है. आमतौर पर बरसात में लोग डेंगू, मलेरिया और वायरल इंफेक्शन से बचाव पर ध्यान देते हैं, लेकिन इन सब वायरल इंफेक्शन के साथ-साथ एक खतरनाक पैरासाइट भी इस मौसम में तेजी से फैल सकता है, जो सीधे आपके दिमाग पर अटैक कर सकता है. इसका नाम टेपवर्म है. इसकी वजह से न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस नामक ब्रेन से जुड़ी परेशानी हो सकती है. फरीदाबाद स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत बंगा का कहना है कि टेपवर्म ब्रेन में सिस्ट बनाकर गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा कर सकती है. यहां डॉक्टर से इस विषय को अच्छे से समझते हैं-

कैसे फैलता है टेपवर्म?

डॉ. विनीत बंगा का कहना है कि टेपवर्म दूषित खाना, गंदे पानी या संक्रमित सतहों के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. बारिश के मौसम में जलभराव, गंदगी और खुले में रखे खाने के कारण इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. ये शरीर में पहुंचने के बाद इसके अंडों से निकलने वाले लार्वा ब्लड के जरिए दिमाग, आंखों या मांसपेशियों तक पहुंच सकते हैं और वहां सिस्ट बना सकते हैं.

ब्रेन पर क्या असर पड़ता है?

डॉक्टर बंगा बताते हैं कि जब ये लार्वा ब्रेन में पहुंचकर सिस्ट बनाते हैं, तो इस स्थिति को न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस कहा जाता है. ये बीमारी कई बार लंबे समय तक बिना लक्षण के रह सकती है, लेकिन बाद में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है. 

इसके प्रमुख लक्षणों में बार-बार दौरे पड़ना, लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, बोलने में परेशानी, याददाश्त कमजोर होना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी शामिल हैं. कई मामलों में ये बीमारी मिर्गी का कारण भी बन सकती है.

बारिश में क्यों बढ़ जाता है खतरा?

मानसून के दौरान जलभराव और नमी के कारण वायरस और बैक्टीरिया काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं. सड़क किनारे खुले में मिलने वाली चीजें, बिना धुले फल और सब्जियां और असुरक्षित पानी संक्रमण का माध्यम बन सकते हैं. अगर भोजन या पानी टेपवर्म के अंडों से संक्रमित हो, तो उन्हें निगलने पर बीमारी हो सकती है.

बचाव के क्या हैं तरीके?

डॉक्टर कहते हैं कि इस बीमारी से अगर आप बचना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों पर ध्यान दें, जैसे-

  • खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं. 
  • फल और सब्जियों को अच्छी तरह साफ करके ही खाएं. 
  • सिर्फ स्वच्छ और सुरक्षित पानी पिएं. 
  • खुले में बिकने वाले कटे फल और खाना खाने से बचें. 
  • घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी बेहद जरूरी है.

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