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हार्ट अटैक आने से पहले ही अलर्ट कर देगा ApoB टेस्ट? कोलेस्ट्रॉल जांच से कितना अलग, डॉक्टर से समझें

हार्ट अटैक आज के समय में कम उम्र के लोगों को भी हो रहा है. ऐसे में इसे लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। यहां जानते हैं, एक ऐसे टेस्ट के बारे में जो हार्ट अटैक आने से पहले अलर्ट देता है?

हार्ट अटैक आने से पहले ही अलर्ट कर देगा ApoB टेस्ट? कोलेस्ट्रॉल जांच से कितना अलग, डॉक्टर से समझें
Cardiovascular Risk Assessment :

दिल की बीमारियां दुनियाभर में मौत की सबसे बड़ी वजहों में शामिल हैं. भारत में भी कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में अब केवल सामान्य कोलेस्ट्रॉल टेस्ट ही नहीं, बल्कि ApoB (Apolipoprotein B) टेस्ट भी चर्चा में है. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह टेस्ट हृदय रोग के खतरे को समझने में अतिरिक्त जानकारी दे सकता है. लेकिन क्या वाकई ApoB टेस्ट हार्ट अटैक आने से पहले अलर्ट कर सकता है? और यह सामान्य कोलेस्ट्रॉल जांच से कितना अलग है? आइए समझते हैं. दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी डॉ. अंशुल कुमार जैन से इस विषय को विस्तार से समझते हैं-

क्या होता है ApoB टेस्ट? 

ApoB एक प्रकार का प्रोटीन है, जो शरीर में मौजूद उन लिपोप्रोटीन कणों पर पाया जाता है, जो धमनियों में फैट जमा करने का काम करते हैं. इनमें बैड कोलेस्ट्रॉल, VLDL और अन्य हानिकारक कण शामिल होते हैं. ApoB टेस्ट उन कणों की संख्या का अंदाजा लगाने में मदद करता है, जो समय के साथ धमनियों में प्लाक बनाकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ा सकते हैं.

साधारण कोलेस्ट्रॉल टेस्ट से कैसे है अलग?

डॉक्टर बताते हैं कि जब आप लिपिड प्रोफाइल या कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराते हैं, तो उसमें कुल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल, एचडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच की जाती है. ये टेस्ट बताता है कि खून में कितनी मात्रा में कोलेस्ट्रॉल मौजूद है. वहीं, ApoB टेस्ट ये बताने की कोशिश करता है कि कोलेस्ट्रॉल को ढोने वाले हानिकारक कणों की संख्या कितनी है.

क्या ApoB टेस्ट हार्ट अटैक का पहले से संकेत दे सकता है?

इस बारे में डॉक्टर कहते हैं कि ApoB टेस्ट हार्ट अटैक का पहले से पता नहीं लगा सकता है और ही ये बता सकता है कि किस व्यक्ति को कब हार्ट अटैक आएगा. हालांकि, ये उन लोगों में हार्ट डिजीज के रिस्क का अधिक सटीक आकलन करने में मदद कर सकता है, जिनमें सामान्य एलडीएल रिपोर्ट पूरी तस्वीर नहीं दिखा पाती. कुछ लोगों में LDL स्तर नॉर्मल हो सकता है, लेकिन ApoB बढ़ा हुआ मिल सकता है, जो अधिक रिस्क का संकेत हो सकता है.

किन लोगों को फायदा हो सकता है?

डॉक्टर का कहना है कि ये जांच मुख्य रूप से उन लोगों में उपयोगी हो सकती है, जिन्हें डायबिटीज, मोटापा, फैटी लिवर, मेटाबॉलिक सिंड्रोम या हाई ट्राइग्लिसराइड्स की समस्या है. इन स्थितियों में हानिकारक लिपोप्रोटीन कणों की संख्या बढ़ सकती है, भले ही कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य दिखाई दे.

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