NCC Rally PM Modi Speech: नई दिल्ली के कारियाप्पा मैदान में बुधवार को एनसीसी की रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक बार फिर देश के भविष्य से जुड़ा सबसे अहम सवाल उठाया, हम कितने फिट हैं और आने वाले समय में कितने फिट रह पाएंगे? प्रधानमंत्री का यह संबोधन सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि युवाओं के लिए चेतावनी और मार्गदर्शन दोनों था. उन्होंने साफ कहा कि युवाशक्ति की सबसे बड़ी परीक्षा आने वाले सालों में फिटनेस ही होगी. फिटनेस का मतलब केवल रोज कुछ मिनट का व्यायाम नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वभाव, हमारी आदतों और हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा बननी चाहिए. अगर फिटनेस को सिर्फ जिम या योग तक सीमित कर दिया गया, तो उसका असर लंबे समय तक नहीं टिकेगा.
फिटनेस एक सोच है, सिर्फ एक्सरसाइज नहीं
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि फिट रहना एक अनुशासित लाइफस्टाइल से जुड़ा हुआ है. हम क्या खाते हैं, कब खाते हैं, कितना सोते हैं और दिनभर कितनी सक्रियता रखते हैं, ये सभी बातें फिटनेस तय करती हैं.
उन्होंने यह जानकर खुशी जताई कि एनसीसी कैडेट्स फिट इंडिया कैंपेन को आगे बढ़ा रहे हैं और खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. यह दिखाता है कि अगर युवाओं को सही दिशा मिले, तो वे न सिर्फ खुद फिट रह सकते हैं बल्कि समाज के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं.

मोटापा आने वाले समय का सबसे बड़ा खतरा
प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच मोटापा (ओबेसिटी) का मुद्दा फिर से उठाया और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया. उन्होंने एक स्टडी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अभी सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले समय में भारत का हर तीसरा व्यक्ति मोटापे से परेशान हो सकता है.
मोटापा सिर्फ शरीर की बनावट से जुड़ी समस्या नहीं है. इसके साथ-साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियां, जोड़ों की समस्याएं जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. प्रधानमंत्री ने चेताया कि इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर ही पड़ सकता है, क्योंकि आज की लाइफस्टाइल ज्यादा बैठने वाली और कम सक्रिय होती जा रही है.
तेल कम करना: छोटा स्टेप, बड़ा असर
प्रधानमंत्री ने युवाओं से एक बहुत ही व्यावहारिक अपील की खाने में तेल की मात्रा कम करें. उन्होंने याद दिलाया कि कुछ समय पहले उन्होंने देशवासियों से खाने में तेल 10 प्रतिशत कम करने का आग्रह किया था और आज वह आग्रह युवाओं से दोबारा कर रहे हैं.
तेल कम करने का मतलब भूखा रहना नहीं, बल्कि बैलेंस और समझदारी से खाना है. छोटे-छोटे बदलाव जैसे तला-भुना कम करना, बाहर का जंक फूड घटाना, घर का सादा खाना अपनाना, लंबे समय में बड़े फायदे दे सकते हैं.
युवाओं के हाथ में है देश का भविष्य
प्रधानमंत्री का संदेश साफ है अगर आज का युवा फिट है, तो कल का भारत मजबूत होगा. फिटनेस को मजबूरी नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा बनाना होगा. एनसीसी जैसे संगठन इस दिशा में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि यहां अनुशासन, खेल और सेवा तीनों का मेल होता है.
अंत में यही कहा जा सकता है कि फिट भारत का सपना युवाओं की फिटनेस से ही पूरा होगा. अभी लिया गया छोटा फैसला आने वाले सालों में देश को बड़ी बीमारियों से बचा सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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