Nana Patekar Death News: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह निधन हो गया. शुरुआती रिपोर्ट्स और खबरों के मुबातिक उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि उन्हें बेहोश स्थिति में हॉस्पिटल लगाया गया, जहां डॉक्टर्स ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वे बच नहीं सके. उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और करोड़ों फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है.
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह 5:20 बजे उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा: डॉ. शेखर सालकर, प्रमुख, ऑन्कोलॉजी विभाग, मणिपाल अस्पताल https://t.co/nBmoNknR1Z
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 8, 2026
सीपीआर देकर जान बचाने की डॉक्टर्स ने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर को सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. गोवा स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिली. उन्होंने ये भी बताया कि मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा.
हार्ट अटैक में क्यों थम जाती है दिल की धड़कन?
दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. अंशुल कुमार जैन का कहना है कि हार्ट अटैक तब होता है, जब हार्ट तक ब्लड पहुंचाने में कोरोनरी आर्टरी में अचानक रुकावट आ जाती है. इससे हार्ट की मांसपेशियों को पर्याप्त रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. अगर ये स्थिति गंभीर हो जाए, तो दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और मरीज हार्ट अटैक का सकता है.
हार्ट अटैक की स्थिति में हार्ट अचानक प्रभावी तरीके से ब्लड पंप करना बंद कर देता है. ऐसे में व्यक्ति बेहोश हो जाता है, सांस रुक सकती है और अगर तुरंत इलाज न मिले तो कुछ ही मिनटों में जान जा सकती है. यही वजह है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है.
हार्ट अटैक के किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए इग्नोर
हार्ट अटैक आने से पहले हमारा शरीर कुछ संकेत देता है, जिसपर ध्यान देने की जरूरत होती है. यहां जानते हैं उन लक्षणों के बारे में-
- सीने में दर्द या दबाव
- सांस फूलना
- काफी ज्यादा पसीना आना
- चक्कर आना
- अचानक कमजोरी महसूस होना
- जबड़े या बाएं हाथ में दर्द
ऐसे लक्षणों को इग्नोर करने की गलती न करें. डॉक्टर का कहना है कि कई बार मरीज इन लक्षणों को सामान्य गैस या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है.
भारतीय सिनेमा के चुनिंदा कलाकारों में थे शामिल
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और बेबाक अंदाज से अपनी एक अलग पहचान बनाई. उन्होंने परिंदा, क्रांतिवीर, अब तक छप्पन, राजनीति, वेलकम और नटसम्राट जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मान से नवाजा गया है.
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