Mumbai Watermelon Death Case: मुंबई का पायधोनी इलाका आजकल एक ऐसी रहस्यमयी घटना की चर्चा में है, जिसने सबको सन्न कर दिया है. एक ही हंसते-खेलते परिवार के चार सदस्यों की अचानक मौत ने पुलिस और डॉक्टरों के भी होश उड़ा दिए हैं. इस मामले में अब जो फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, वे किसी चौकाने वाली हैं.
क्या था पूरा मामला-
आपको बता दें कि पायधोनी में रहने वाले एक परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था. 40 साल के पति, 35 साल की पत्नी और उनकी दो छोटी बेटियों ने उस रात अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर खाना खाया था. परिवार के कुल 7 लोग साथ बैठे थे, बिरयानी बनी थी और माहौल खुशनुमा था. खाना खत्म होने के बाद रिश्तेदार अपने घरों को चले गए. रात के करीब 1 से 1:30 बजे के बीच, इस परिवार के चारों सदस्यों ने फ्रिज में रखा तरबूज खाया. सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन सुबह होते-होते खुशियां मातम में बदल गईं. सुबह 5:30 से 6:00 बजे के बीच अचानक चारों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते चारों की जान चली गई.
फॉरेंसिक रिपोर्ट- अंगों का हरा पड़ना
शुरुआत में इसे 'फूड पॉइजनिंग' (खराब खाना) का मामला माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट ने कहानी बदल दी. सूत्रों के मुताबिक, जब मृतकों के शरीर की जांच की गई, तो डॉक्टर हैरान रह गए. मृतक के कुछ अंदरूनी अंग, जैसे दिमाग, दिल और आंतें, हरे रंग के हो गए थे. आमतौर पर शरीर के अंगों का इस तरह रंग बदलना किसी बहुत ही तेज जहर की ओर इशारा करता है.
FDA की जांच-
इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अपनी रिपोर्ट दी. अधिकारियों ने उस घर से 11 अलग-अलग चीजों के सैंपल लिए थे. इसमें रात को बची हुई बिरयानी, तरबूज के टुकड़े, फ्रिज का पानी, कच्चे-पके चावल, चिकन, खजूर और मसाले तक शामिल थे. हैरानी की बात यह है कि इन सभी सैंपल्स की जांच में कोई भी जहरीला पदार्थ नहीं मिला.
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और 'मॉर्फिन' का रहस्य-
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले को और भी ज्यादा उलझा दिया है. रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में 'मॉर्फिन' (Morphine) के निशान पाए गए हैं. मॉर्फिन एक बहुत ही शक्तिशाली दर्द निवारक (Painkiller) दवा होती है, जिसका इस्तेमाल डॉक्टर गंभीर दर्द के लिए करते हैं. लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा जानलेवा हो सकती है. मॉर्फिन क्या है और ये कैसे हमारे शरीर पर असर डालता है इसके लिए हमने बात की डॉ. सुनील राणा से ( एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, Associate Director & Head- Internal Medicine) से उन्होंने बताया कि आखिर कैसे वो ड्रग जिसका इस्तेमाल मरीजों के लिए किया जाता है वो जानलेवा सबित हो सकता है.
मोर्फिन क्या है और कैसे काम करता है
डॉ. ने बताया कि मॉर्फिन एक अत्यंत शक्तिशाली ओपियोइड दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग गंभीर तीव्र या दीर्घकालिक दर्द जैसे कैंसर सर्जरी या हृदयाघात से राहत पाने के लिए किया जाता है. जब अन्य सामान्य दवाएँ असर नहीं करती यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र सीएनएस पर काम करके मस्तिष्क में दर्द के संकेतों को ब्लॉक करता है.
मॉर्फिन कैसे काम करती है?
बेसिकली मोर्फिन शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंडोर्फिन्स की नकल करती है. यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में मौजूद म्यू ओपियोइड रिसेप्टर से जुड़कर दर्द के संकेतों को मस्तिष्क तक पहुँचने से रोकती है. दूसरी बात है कि यह न केवल दर्द को कम करती है बल्कि दर्द के प्रति व्यक्ति की भावनात्मक प्रतिक्रिया को भी बदल देती है जिससे व्यक्ति को दर्द महसूस नहीं होता है. इसके बारे में हमें विशेष सावधानियाँ रखनी चाहिए इसे मौखिक मीन्स टैबलेट या लिक्विड इंजेक्शन या मशय के द्वारा दिया जाता है. इसे लंबे समय तक उपयोग में करने से शारीरिक निर्भरता लत और सहनशीलता टॉलरेंस विकसित हो जाती है. इसलिए यह केवल डॉ. की देखरेख में ही दी जाती है. इसके दुष्प्रभाव भी होते हैं जैसे मतली आना, कब्ज रहना चक्कर आना या साँस लेने में तकलीफ होना.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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