Poor Sleep Vaccine Can Decrease Effectiveness: कोविड-19 महामारी के चलते दुनियाभर में टीकाकरण अभियान चलाया गया. देशों ने जिंदा रहने के लिए तो कोविड-19 से बचने के साथ पढ़ाई-करियर और ट्रैवल के लिए कोविड-19 वैक्सीनेशन को जरूरी कर दिया. कोविड-19 से बचने का एकमात्र संभव तरीका टीकाकरण है, लेकिन वैक्सीन की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आपको भी कुछ करना होगा. हाल में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि टीके से एक रात पहले अगर आपने अच्छी नींद नहीं ली है तो इससे टीके की प्रभावशीलता कम हो सकती है. एक अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है कि कोविड-19 टीकाकरण से एक रात पहले छह घंटे से कम की नींद आपके शरीर की प्रतिक्रिया को सीमित कर सकती है, जिससे वायरस या बैक्टीरिया से आपकी सुरक्षा कम हो सकती है. सीएनएन के अनुसार शिकागो विश्वविद्यालय (University of Chicago's) के मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर एमेरिटस, वरिष्ठ लेखक ईव वैन कॉटर ने कहा, "अच्छी नींद न केवल बढ़ती है बल्कि टीके की सुरक्षा की अवधि भी बढ़ा सकती है."
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शोधकर्ताओं ने पाया कि टीके के प्रति प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पर खराब नींद का प्रभाव केवल पुरुषों में वैज्ञानिक रूप से प्रासंगिक था.इस अध्ययन के सह-लेखक डॉ माइकल इरविन ने कहा, "स्लिप लैब में नींद की कमी के ऑब्जेकेटिव उपायों का इस्तेमाल करने वाले शोध में पुरुषों में विशेष रूप से और सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण टीके के प्रति प्रतिक्रिया करने की क्षमता में कमी पाई गई लेकिन महिलाओं में नहीं." डॉ माइकल यूसीएलए गेफेन स्कूल ऑफ मेडिसिन में मनोचिकित्सा और जैव व्यवहार विज्ञान के प्रतिष्ठित प्रोफेसर हैं.
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शोधकर्ताओं ने समझाया कि विदेशी एंटीजन, जैसे वायरस और स्व-प्रतिजन जैसे ऑटोइम्यून विकारों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में ज्ञात सेक्स अंतर हैं. न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ फिलिस जी और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन में सेंटर फॉर सर्कैडियन एंड स्लीप मेडिसिन के निदेशक ने कहा, "सामान्य तौर पर, महिलाओं में फ्लू के टीके सहित मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है."
उन्होंने कहा कि सबूत यह है कि ये मतभेद हार्मोनल, अनुवांशिक और पर्यावरणीय मतभेदों को दर्शाते हैं, जो जीवनकाल में बदल सकते हैं, इसलिए ये मतभेद पुराने वयस्कों में कम प्रमुख हो सकते हैं.
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने जेंडर की परवाह किए बिना यह निष्कर्ष निकाला कि यदि कोई सो नहीं सका है, या जेट लग गया है या रात की शिफ्ट में काम कर रहा है या उसके नींद और जागने के साइकल में कुछ बदलाव हुआ है तो उन्हें टीकाकरण में देरी करनी चाहिए.
डॉ इरविन ने कहा, "अगर मैं रोगियों के साथ उन्हें टीकाकरण देने के लिए काम कर रहा था, तो मैं पूछूंगा कि क्या उन्हें नींद में समस्या हो रही है और क्या उन्हें रात में सोने नहीं दिया गया था. यदि ऐसा है तो मैं उन्हें फुल आराम करने को कहूंगा."
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