विज्ञापन

क्या लौट आया है खसरा? WHO की पूर्व चीफ ने बताया क्यों वैक्सीनेशन के बावजूद तेजी से बढ़ रहे हैं मामले

खसरा के बढ़ते मामले हेल्थ एक्सपर्ट्स के बीच एक चिंता का विषय बना हुआ है. इसे लेकर लोगों में मन में कई सवाल उठ रहे हैं, जिसमें पहला सवाल जब वैक्सीन  से बीमारी को फैलने से रोकी जा सकती है, तो फिर से ये क्यों फैल रही है? यहां जानते हैं इस बारे में-

क्या लौट आया है खसरा? WHO की पूर्व चीफ ने बताया क्यों वैक्सीनेशन के बावजूद तेजी से बढ़ रहे हैं मामले
Measles Outbreak: क्या फिर से लौट आया खसरा

खसरा एक ऐसी संक्रामक बीमारी है, जिसे प्रभावी टीके की मदद से लगभग खत्म करने की दिशा में दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी थी. लेकिन हाल के वर्षों में अमेरिका सहित कई देशों में इसके मामलों में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि खसरा उन बीमारियों में शामिल है, जिन्हें समय पर टीकाकरण के जरिए आसानी से रोका जा सकता है.

पूर्व WHO चीफ वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि जिन एरिया में वैक्सीनेशन कवरेज कम हुई है, वहां खसरे के मामले तेजी से बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन दर और खसरे के प्रकोप के बीच सीधा कनेक्शन है. जहां अधिक लोग वैक्सीन लगवाते हैं, वहां संक्रमण फैलने की संभावना बहुत कम हो जाती है. वहीं, जब बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन से दूर रहते हैं, तो बीमारी फिर से फैलने लगती है.

वैक्सीनेशन में गिरावट क्यों है चिंता का विषय?

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि खसरे की वापसी सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौती नहीं है, बल्कि ये सामाजिक और व्यवहारिक समस्या भी बनती जा रही है. कई देशों में लोगों के बीच वैक्सीन को लेकर भ्रम और आशंकाएं बढ़ी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैली भ्रामक जानकारियां और अफवाहें लोगों को वैक्सीनेशन से दूर कर रही हैं.

डॉ. स्वामीनाथन का कहना है कि हेल्थ डिपार्टमेंट को ये समझना होगा कि आखिर किन कारणों से वैक्सीनेशन कवरेज में गिरावट आ रही है. क्या लोगों को वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंता है या फिर समुदायों तक सही जानकारी नहीं पहुंच रही है? इन सवालों के जवाब तलाशना बेहद जरूरी है.

गलत जानकारी से लड़ना होगा

हेल्थ एक्सपर्ट का  मानना है कि सिर्फ वैक्सीनेशन कैंप चलाना अब पर्याप्त नहीं है. हेल्थ एजेंसियों को गलत सूचनाओं और इन्फोडेमिक यानी सूचना के अतिरेक के खिलाफ भी अभियान चलाना होगा. इसके लिए व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रमों, जनजागरूकता अभियानों और विश्वसनीय हेल्थ मैसेज की जरूरत होगी.

क्या है आगे का रास्ता?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खसरे जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण कवरेज बढ़ाना है. इसके साथ ही लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर फैले डर और भ्रांतियों को दूर करना भी उतना ही जरूरी है. यदि सरकारें, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय मिलकर काम करें तो खसरे जैसी बीमारी को दोबारा नियंत्रित किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें - बांग्लादेश में खसरे का कहर, 750 बच्चों की मौत, 1 लाख से ज्यादा बीमार, जानें इसके शुरुआती लक्षण और बचाव

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Measles, Measles And Flu Cases, Measles Cases, Measles Brain Disease, Health
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com