घर में जब भी किसी को मोच आती है, मेरे यहां सबसे पहले दवाई की नहीं, बल्कि मम्मी का आजमाया गया नुस्खा सबसे पहले अपनया जाता है. बचपन से मैंने उन्हें एक खास तरीका अपनाते देखा है, जो आज भी हमारे घर में उतना ही इस्तेमाल किया जाने वाला नुस्खा है. मैंने देखा है कि मेरी मम्मी जब भी किसी के पैरों में मोच, हल्की सूजन या दर्द होने लगती थी, जो सबसे पहले कच्ची रोटी, सरसों का तेल और हल्दी का इस्तेमाल करती हैं.
हाल ही में मेरा पैर सीढ़ियां उतरते समय मुड़ गया. टखने में दर्द और हल्दी सूजन थी. तभी मम्मी ने कहा, 'चलो, रोटी वाला नुस्खा लगाते हैं.' ये वही उपाय है, जो उन्होंने अपनी मां से सीखा था और सालों से इस्तेमाल करती आ रही हैं. यहां जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
कच्ची रोटी का वाला नुस्खा का मतलब क्या है?
यहां कच्ची रोटी का मतलब पूरी तरह कच्ची रोटी नहीं है. मम्मी एक रोटी बनाती हैं और उसे सिर्फ एक ओर से अच्छी तरह सेकती हैं. दूसरी ओर का हिस्सा कच्चा छोड़ देती हैं. यही हिस्सा इस नुस्खे में काम आता है.
फिर उस कच्चे हिस्से पर सरसों का तेल लगाया जाता है और ऊपर से हल्दी छिड़की जाती है. इसके बाद रोटी को मोच वाली जगह पर रखकर कपड़े या पट्टी से बांध दिया जाता है.
कैसे आजमाएं ये नुस्खा?
जरूरी सामान
- 1 रोटी (एक तरफ से सिकी, दूसरी तरफ से कच्ची)
- 1 से 2 चम्मच सरसों का तेल
- आधा चम्मच हल्दी पाउडर
- साफ सूती कपड़ा या पट्टी
कैसे करें इस्तेमाल?
स्टेप 1 : एक रोटी बेलकर तवे पर सिर्फ एक तरफ से अच्छी तरह सेंक लें.
स्टेप 2 : रोटी को उतारकर उसके कच्चे वाले हिस्से पर सरसों का तेल लगाएं.
स्टेप 3 : अब उस पर हल्दी पाउडर छिड़क दें.
स्टेप 4 : इस हिस्से को सीधे मोच या सूजन वाली जगह पर रखें.
स्टेप 5 : कपड़े या पट्टी की मदद से हल्के हाथों से बांध दें.
स्टेप 6 : इसे कुछ घंटों या रातभर के लिए लगा रहने दें.
मम्मी क्यों मानती हैं इसे असरदार?
मम्मी का कहना है कि सरसों के तेल की गर्म तासीर और हल्दी के गुण मोच वाली जगह को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं. वहीं, रोटी हल्दी गर्म होती है, जो सिकाई का काम करती है. इससे दर्द और सूजन से थोड़ा सूकुन मिलता है.
इन बातों पर दें ध्यान
इस बात का ध्यान रखें कि ये एक पारंपरिक घरेलू नुस्खा है, जिसका अनुभव हमारे परिवार में पीढ़ियों से शेयर किया जाता रहा है. हालांकि, अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, सूजन बढ़ती जाए, चलने में दिक्कत हो या फ्रैक्चर का संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
मेरी मम्मी आज भी कहती हैं कि रसोई सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि कई पुराने घरेलू नुस्खों का खजाना भी है. कच्ची रोटी, सरसों का तेल और हल्दी वाला ये उपाय उन्हीं नुस्खों में से एक है, जिस पर हमारे घर का भरोसा आज भी कायम है.
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