विज्ञापन

UP Raids: 10 क्विंटल रसगुल्ले नष्ट, 3300 किलो नकली खोया पकड़ा गया, जानें कितनी खतरनाक है यह मिलावट

त्योहारों पर मिठाई खरीद रहे हैं? पहले जान लें रसगुल्ले, पनीर और खोए में मिल रही खतरनाक मिलावट की सच्चाई-

UP Raids: 10 क्विंटल रसगुल्ले नष्ट, 3300 किलो नकली खोया पकड़ा गया, जानें कितनी खतरनाक है यह मिलावट
त्योहारों में मिलावट का मीठा जहर: रसगुल्ले से लेकर पनीर तक में केमिकल का खेल, खरीदने से पहले जान लें ये कड़वी सच्चाई
NDTV

रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और त्योहारों के सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावट का कारोबार भी तेज हो जाता है. उत्तर प्रदेश में हालिया खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में रसगुल्ले में केमिकल, खोए में डिटर्जेंट और पनीर में टीनोपाल जैसी खतरनाक मिलावट के मामले सामने आए हैं.

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही हर घर में मिठाइयों की बहार आ जाती है. लेकिन जैसे ही बाजार में खोया, पनीर, दूध और रसगुल्लों की डिमांड बढ़ती है, वैसे ही मिलावटखोर अपनी जेबें भरने के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करना शुरू कर देते हैं.

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया छापेमारी में जो खुलासे हुए हैं, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. कहीं रसगुल्लों को सफेद और चमकदार बनाने के लिए खतरनाक केमिकल डाला जा रहा है, तो कहीं डिटर्जेंट और कपड़ों की सफेदी में काम आने वाले टीनोपाल से नकली पनीर और मावा तैयार हो रहा है.

यूपी में कहां-कहां पकड़ी गई मिलावट की बड़ी खेप

खाद्य सुरक्षा विभाग ने गाजियाबाद से लेकर मथुरा, कानपुर और लखनऊ तक बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए कई क्विंटल नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री को नष्ट कराया है:

गाजियाबाद में 10 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट: भीमनगर इलाके में करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ले को जमीन में दफनाकर नष्ट कराया गया. यहां रसगुल्लों में सेफोलाइट (सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट) जैसे खतरनाक केमिकल मिलाने की आशंका में सैंपल लैब भेजे गए हैं.

मथुरा में टीनोपाल वाला पनीर: छाता इलाके में एक अवैध पनीर फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 500 किलो नकली पनीर नष्ट कराया गया. मौके से रिफाइंड सोयाबीन तेल और कपड़ों को चमकाने वाला टीनोपाल बरामद हुआ. इससे पहले वृंदावन में भी भारी मात्रा में खराब पेड़ा और मिल्क केक पकड़ा गया था.

कानपुर देहात में डिटर्जेंट और पाउडर वाला खोया: यहां एक अवैध यूनिट में 3300 किलो से ज्यादा नकली खोया पकड़ा गया. इसे बनाने के लिए डिटर्जेंट पाउडर, रिफाइंड तेल, टैल्कम पाउडर और हाइड्रोजन परॉक्साइड का इस्तेमाल किया जा रहा था.

लखनऊ में अस्वच्छ मिठाई फैक्ट्री पर ताला: काकोरी इलाके में 1675 किलो बासी व अस्वच्छ मिठाई नष्ट कराई गई और 686 किलो कच्चा माल सीज किया गया.

सेफोलाइट और डिटर्जेंट शरीर के लिए कितने खतरनाक हैं?

मिठाइयों में इस्तेमाल किए जा रहे ये इंडस्ट्रियल केमिकल शरीर के अंदर जाकर सीधा जहर का काम करते हैं:

  • सेफोलाइट का इस्तेमाल कपड़ों की डाइंग और ब्लीचिंग में होता है. रसगुल्ले को दूधिया सफेद दिखाने के लिए इसे मिलाना पेट और आंतों को बुरी तरह छील सकता है.
  • डिटर्जेंट और टैल्कम पाउडर पाचन तंत्र को पूरी तरह तबाह कर देते हैं, जिससे तेज पेट दर्द, आंतों में अल्सर और लिवर-किडनी पर बुरा असर पड़ता है.
  • अस्वच्छ तरीके से तैयार दूध उत्पादों में बैक्टीरिया का संक्रामण इतनी तेजी से फैलता है कि खाते ही गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है.
Latest and Breaking News on NDTV

डॉक्टर की चेतावनी: हल्के में न लें ये लक्षण

सर गंगाराम अस्पताल के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. बिभु आनंद (एमडी/डीएनबी मेडिसिन) के अनुसार, रासायनिक मिलावट का असर इंसान के शरीर पर तुरंत दिख सकता है.

  • पेट में अचानक तेज जलन, लगातार उल्टियां, मरोड़ और दस्त लगना केमिकल पॉइजनिंग का संकेत हो सकता है.
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के शरीर पर इसका असर बहुत तेजी से होता है, जिससे शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है.
  • अगर कोई भी दूषित या मिलावटी मिठाई खाने के बाद चक्कर, कमजोरी या लगातार उल्टी-दस्त हो, तो इसे आम पेट खराब समझकर घर पर न बैठें, तुरंत अस्पताल जाएं.

त्योहारों में मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान

थोड़ी सी समझदारी आपको और आपके पूरे परिवार को बीमार पड़ने से बचा सकती है:

बहुत ज्यादा सफेद या चमकीली मिठाई से बचें: अगर रसगुल्ला या पनीर जरूरत से ज्यादा सफेद और चमकदार दिख रहा है, तो उसमें ब्लीचिंग केमिकल का इस्तेमाल हो सकता है.
बेहद सस्ती मिठाइयों के लालच में न आएं: अगर कोई बाजार भाव से बहुत कम रेट में खोया या पनीर बेच रहा है, तो समझ जाएं कि उसमें शुद्ध दूध नहीं बल्कि मिलावट है.
चांदी का वर्क और रंग: मिठाइयों पर लगे नकली वर्क और चटख कृत्रिम रंगों से दूर रहें.
भरोसेमंद दुकान से ही खरीदारी करें: खुले में या बिना पैकेजिंग के बिक रही लोकल मिठाइयों के बजाय रजिस्टर्ड और साफ-सुथरी दुकानों से ही सामान खरीदें.

FSSAI के नियमों के मुताबिक दूध से बनी मिठाइयों की शेल्फ लाइफ बहुत कम होती है, इसलिए इन्हें लंबे समय तक स्टोर करके न खाएं. स्वाद के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता न करें और मिलावट का शक होने पर तुरंत नजदीकी खाद्य विभाग को सूचित करें.

अगर आप त्‍योहारों के मौके पर कैम‍िकल फ्री हेल्‍दी म‍िठाई खाना चाहते हैं तो घर पर बना सकते हैं. कुछ रेस‍िपी यहां देखें.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sweets, Food, Food Adulteration, Nakli Mithai
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com