शकरकंद को स्वाद और सेहत का खजाना कहा जाता है. शकरकंद को अंग्रेजी में स्वीट पोटैटो और तमिल में सरकाराई वल्ली किझांगु कहा जाता है. भारत में यह व्रत-उपवास में सबसे ज्यादा खाया जाता है. यह सर्दियों के मौसम में ज्यादा मिलती है, लेकिन लोग इसे पूरे साल खाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि शकरकंद खाने का सही तरीका क्या है. हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक जापानी ट्रिक वायरल हो रही है. जिसमें शकरकंद को पकाने का तरीका दिखाया गया है.
शकरकंद खाने के तरीके-
हमारे देश में शकरकंद को खाने के कई सारे तरीके हैं. सर्दियों की सड़कों पर कोयले की आंच पर भूनी हुई शकरकंद पर नींबू, चाट मसाला, काला नमक और जीरा डालकर जो चाट बनाई जाती है. इसके अलावा, इसे उबालकर छोटे टुकड़ों में काटकर घी में हल्का सा भूनकर भी खाया जाता है. लोग इससे टिक्की, परांठे और स्वादिष्ट हलवा भी बनाते हैं. कुछ लोग तो इसे दूध और मीठी चीजों में भी मिलाते हैं.
यहां देखें वीडियो-
जापान का सीक्रेट तरीका-
जापान में शकरकंद रोज के खाने का एक अहम हिस्सा है. ब्लॉगर अकिनो ओगाता बताती हैं कि जापानी लोग इसे बिना ज्यादा मसालों के एक गर्मागर्म स्नैक की तरह खाते हैं. उनका यह तरीका न सिर्फ पोषण को सुरक्षित रखता है, बल्कि शकरकंद को और भी ज्यादा मीठा बना देता है. इस आसान तरीके से बनाने के लिए, सबसे पहले 2 लीटर पानी में 1 बड़ा चम्मच नमक मिलाएं और शकरकंद को इस नमकीन पानी में कम से कम 6 घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद पानी निकालकर इन्हें एल्युमीनियम फॉयल में लपेट लें. अब ओवन या एयर फ्रायर में 320°F (160°C) पर एक घंटे के लिए बेक करें. लास्ट में तापमान को 400°F (200°C) बढ़ाकर 10 मिनट और बेक करें. ऐसा करने से शकरकंद अंदर से बिल्कुल चाशनी जैसी मीठी और सुनहरी हो जाती है, वो भी बिना एक भी बूंद चीनी मिलाए.
बेकिंग या उबालना- कौन सा तरीका है बेहतर?
शकरकंद पकाने के लिए उबालना और बेक करना सबसे आम तरीके हैं. बेक करने से इसके अंदर की नेचुरल शुगर कैरमल हो जाती है, जिससे यह बहुत मीठी लगती है. वहीं, उबालने से यह थोड़ी पानी जैसी लग सकती है. उबालना एक आसान और झटपट तरीका है, जबकि बेकिंग में थोड़ा समय लगता है. अगर आपको मैश करके कुछ बनाना है, तो उबालना बेहतर है. दूसरी ओर, उबली हुई शकरकंद में बीटा-कैरोटीन थोड़ा ज्यादा मिल सकता है, लेकिन इसमें विटामिन सी कम हो सकता है.
सेहत के लिए है वरदान-
शकरकंद की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है. यह नेचुरल रूप से मीठी होती है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए डायबिटीज के मरीज भी इसे बेझिझक खा सकते हैं. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करता है. इसके अलावा, इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और मैंगनीज जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं.
100 ग्राम शकरकंद में सिर्फ 89 कैलोरी होती है. इसके नारंगी और बैंगनी रंग की वैरायटी में पाए जाने वाले तत्व शरीर की सूजन को कम करते हैं और बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं.
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