वजन कम करने के लिए अक्सर लोग जिम में घंटों एक्सरसाइज करते हैं और खूब पसीना बहाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वजन कम करने के लिए आप कुछ ऐसे वर्कआउट पर भी भरोसा कर सकते हैं, जिसके लिए ज्यादा उछल कूद करने की जरूरत नहीं होती. ये एक्सरसाइजेस आपके जोड़ों को भी नुकसान नहीं पहुंचाते और वजन कम करने में मदद करते हैं. इन एक्सरसाइजेस के साथ वजन कम करने से आपका वजन धीरे-धीरे और लंबे समय के लिए कम हो जाएगा. हाल में एक फिटनेस कोच ने अपने इंस्टाग्राम पर अपना खुद का एक्सपीरियंस शेयर किया और बताया कि कैसे उन्होंने कुछ ही महीनों में 20 किलो वजन कम कर लिया.

Photo Credit: Insta@sapna.gomlaa
फिटनेस कोच ने शेयर किया 20 किलो वेट लॉस जर्नी
फैट लॉस कोच सपना गोमला ने वीडियो शेयर कर बताया कि कैसे उन्होंने लो-इम्पैक्ट, हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करके अपना 20 किलो वजन कम किया. वे 76 किलो से 56 किलो पर आ गईं. उन्होंने एक ऐसा रूटीन बनाया जो जोड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया लेकिन कैलोरीज को बर्न करता है, मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और वजन कम करता है.
लो-इम्पैक्ट वर्कआउट क्यों हैं ज्यादा सेफ?
इंस्टाग्राम पर शेयर की गई एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "अगर आपका वजन ज्यादा है और आप फैट कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपके वर्कआउट ऐसे नहीं होने चाहिए जो यह साबित करने के लिए आपके घुटनों को खराब कर दें कि वे 'असरदार' हैं. ऐसे हाई-इम्पैक्ट रूटीन में कूदना बंद करें जिनसे आपके जोड़ों में दर्द हो और आपका मोटिवेशन खत्म हो जाए. इसके बजाय एक व्यवस्थित लो-इम्पैक्ट, हाई-इंटेंसिटी प्रोग्राम से शुरुआत करें जो आपके घुटनों और जोड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना फैट जलाए. समझदारी से ट्रेन करें. अपने शरीर की रक्षा करें. कॉन्सटेंट रहें. इसी तरह असली बदलाव आता है."
इन एक्सरसाइज से वजन होगा कम | Which Exercise Will Help Me Lose Weight
स्टैंडिंग जैक्स
लो-इम्पैक्ट स्टैंडिंग जैक्स आपके दिल की धड़कन बढ़ाने और कैलोरी बर्न करने का बेहतरीन तरीका है और ये आपके जोड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता. एक पैर को जमीन पर जमाए रखकर, आप शरीर पर पड़ने वाले झटके (इम्पैक्ट) को कम करते हैं, फिर भी पूरे शरीर का एक्सरसाइज होता है. फैट-लॉस कोच इसे 20 बार इसे दोहराने की सलाह देती हैं.
स्टैंडिंग हाई नीज
एक पैर को जमीन पर रखते हुए अपने घुटनों को अपनी छाती तक ऊपर उठाएं. यह वर्कआउट आपके कोर (पेट के आस-पास की मांसपेशियों) पर असर डालता है और आपके दिल की धड़कन बढ़ाता है. इस वर्कआउट को भी आप 20 बार दोहराएं.
पल्स स्क्वैट्स
ये वर्कआउट आपके क्वाड्स (जांघ की मांसपेशियां), ग्लूट्स (कूल्हे की मांसपेशियां) और कोर पर असर डालता है, साथ ही आपके जोड़ों को भी सुरक्षित रखता है. एक सामान्य स्क्वैट की तरह पूरी तरह से खड़े होने और फिर से नीचे बैठने की प्रक्रिया को हटाकर, आप इस तरह से मसल्स पर लगातार तनाव बनाए रखते हैं. यह मांसपेशियों को दुबला बनाने और आपके मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने में मदद करता है. मनचाहे नतीजों के लिए 15 बार दोहराएं.
वॉल क्लाइंबर
30 बार इसे दोहराने से आपके कंधे, छाती और कोर का एक्सरसाइज होता है, जबकि आपके पैर जमीन पर ही जमे रहते हैं. यह आपके घुटनों और जोड़ों पर पड़ने वाले तनाव को कम करता है, साथ ही आपके दिल की धड़कन भी बढ़ाता है, जिससे एक ऐसा कार्डियोवैस्कुलर असर पैदा होता है जो कैलोरी जलाने में मदद करता है.
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