- झांसी-ललितपुर से सागर-छतरपुर समेत बुंदेलखंड के 13 जिलों की तस्वीर बदलने वाली है.
- केन-बेतवा नदी परियोजना से दोनों राज्यों के इस इलाके में पानी की कमी नहीं होगी.
- मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाकों में केन और बेतवा नदियों को जोड़ा जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के झांसी से ललितपुर तक और मध्य प्रदेश के छतरपुर से सागर तक केन-बेतवा लिंक परियोजना गेम चेंचर साबित होने वाली है. जिससे सूखाग्रस्त बुंदेलखंड में पानी की कमी दूर हो जाएगी. केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मध्य प्रदेश की केन नदी के अतिरिक्त पानी को उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी में ट्रांसफर किया जाएगा. जिसके लिए केंद्र सरकार ने 44605 करोड़ की भारी-भरकम बजट जारी किया है. इस योजना का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार की तरफ से दिया जाएगा. जबकि 10-10 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से जारी किया जाएगा. इस परियोजना के तहत दोनों राज्यों में दौधन बांध और लोअर ओर्र बांध बनाए जाएंगे. ऐसे में मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर से लेकर उत्तर प्रदेश के झांसी और बांदा तक फैली यह योजना न सिर्फ इस पानी की कमी को दूर करेगी. बल्कि खेती किसानी में भी अहम साबित होगी.
भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली प्रमुख नदी जोड़ो परियोजना है. जिसमें केन नदी और बेतवा नदी को आपस में जोड़ा जा रहा है. दोनों नदियों का पानी बांधों के जरिए रोका जाएगा. ताकि बाढ़ के दौरान बर्बाद होने वाले पानी को उन इलाकों में डायवर्ट किया जाएगा जहां पीने और सिंचाई के लिए पानी की भारी किल्लत रहती है. ऐसे में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दोनों नदियों को जोड़ने के लिए एक बड़ी नहर कैनाल और दौधन बांध का निर्माण किया जा रहा है. केन-बेतवा लिंक परियोजना पर केंद्र और राज्य सरकार की सहमति से मिलकर काम किया जा रहा है.
बिजली का होगा उत्पादन
यह परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुल 13 जिलों को आपस में जोड़ते हुए पानी की किल्लत को हमेशा के लिए खत्म करेगी. केन नदी का पानी 221 किलोमीटर लंबी कंक्रीट नहर और एक विशेष सुरंग के जरिए ट्रांसफर होकर बेतवा बेसिन तक पहुंचेगा. जिससे सभी जिलों में लाभ होगा. इस परियोजना से पानी के साथ-साथ बिजली का भी उत्पादन होग. इसके तहत 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा कुल 130 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी.
📍Ken-Betwa Link Project
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) December 9, 2021
➡️#Cabinet approves Ken-Betwa Interlinking of Rivers Project at the cost of Rs. 44,605 crore.
➡️It will be completed in a span of 8 years.#CabinetDecisions @PMOIndia @ianuragthakur @Murugan_MoS @PIB_India @MoJSDoWRRDGR @gssjodhpur @OfficeOfGSS pic.twitter.com/FYfNDG4kwe
MP-UP के जिलों को फायदा
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
एमपी के जिले
- पन्ना
- छतरपुर
- टीकमगढ़
- सागर
- दमोह
- दतिया
- विदिशा
- शिवपुरी
- रायसेन
केन-बेतवा लिंक योजना की खास बातें
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में ग्रामीण और शहरी इलाकों के 62 लाख लोगों को पानी पहुंचेगा.
- हर साल 10.62 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाएगी, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद नहीं होंगी.
- 103 मेगावाट जलविद्युत और नहरों के आसपास 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा.
- केन और बेतवा नदी के पानी का इस्तेमाल पूरे बुंदेलखंड में होगा. अभी यह नदियां अलग-अलग जिलों तक जाती हैं.
चार बड़े बांध बनेंगे
- दौधन बांध: योजना के तहत सबसे बड़ा बांध मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन नदी पर बनाया जा रहा है. यह बांध 77 मीटर ऊंचा और करीब 2 किमी चौड़ा होगा.
- लोअर ओर्र बांध: बेतवा की सहायक ओर्र नदी पर इस बांध का निर्माण होगा
- कोठा बैराज: पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक बैराज का निर्माण भी होगा.
- पानी के बेहतर उपयोग के लिए कई छोटे जलाशयों का एक तंत्र भी स्थापित किया जाएगा.
बुंदेलखंड को मिलेगा फायदा
केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल दो राज्यों के बीच पानी का बंटवारा नहीं है, बल्कि यह सूखे और पिछड़ेपन से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए बड़ी सौगात है. 44605 करोड़ का यह महा-बजट लाखों किसानों और परिवारों के लिए अहम साबित होगी. इस योजना को लंबे इंतजार के बाद लागू किया गया है. दोनों राज्यों के बीच कई सहमतियां बनने के बाद इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
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