तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप के मौसम में लोग अधिकतर समय कुछ ठंडा पीना पसंद करते हैं. ऐसे में आपको सड़कों के किनारे आइसक्रीम, नींबू पानी और नारियल पानी बेचने वालों की कतारें दिख जाएंगी. गर्मियों के मौसम में एक और ड्रिंक जो गली-गली में आपको दिख जाता है, वो है गन्ने का जूस. दुकानदार मशीनों से ताजा गन्ना पीसकर गिलास में ठंडा-ठंडा हरा जूस सर्व करते हैं, जिसे अक्सर आइसक्यूब्स और पुदीना के पत्ते के साथ सर्व किया जाता है. आमतौर पर गन्ने के जूस को गर्मी से शरीर को राहत देने वाला माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है. हर दिन गन्ने का जूस पीने से आप बीमार पड़ सकते हैं.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने गन्ने के जूस में चीनी की ज्यादा मात्रा होने की वजह से इसके अत्यधिक सेवन के खिलाफ चेतावनी दी है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के सहयोग से पहले जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया था, “गन्ने का जूस, जिसका भारत में, खासकर गर्मियों में बड़े पैमाने पर सेवन किया जाता है, उसमें चीनी की मात्रा ज्यादा होती है और इसलिए इसका सेवन कम से कम किया जाना चाहिए.”
नेचुरल लेकिन हानिकारक!

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अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल (मुंबई) में सीनियर डाइटिशियन, फौजिया अंसारी ने फर्स्टपोस्ट को बताया कि इस गलतफहमी को तोड़ने की जरूरत है कि गन्ने का जूस सिर्फ इसलिए स्वस्थ है क्योंकि यह नेचुरल है. उन्होंने कहा, “लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि गन्ने के जूस को एक ‘शुगरी ड्रिंक' कहा जा सकता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. हालांकि यह ताजा होता है और सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में कम प्रोसेस्ड होता है, लेकिन इसे ज्यादा पीने से शरीर में कैलोरीज की मात्रा बढ़ जाती है. वजन बढ़ने के साथ ही शुगर लेवल बढ़ने का भी डर होता है.'
क्या गन्ने के जूस कितना सेफ?
एक्सपर्ट के मुताबिक गन्ने के जूस में थोड़ी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, पोटेशियम जैसे खनिज और प्राकृतिक चीनी होती है जिसकी वजह से शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है. हालांकि इसे हेल्थ ड्रिंक नहीं मान सकते.
एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से गन्ने का जूस पीता है, तो उसे वजन बढ़ने, ब्लड शुगर बढ़ने और ग्लूकोज कंट्रोल में दिक्कत होने का खतरा हो सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें डायबिटीज या प्री-डायबिटीज है.
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