- बागपत के एक मंदिर के पुजारी पर अपने बेटे और दो शिष्यों के साथ मिलकर दो दोस्तों की हत्या करने का आरोप लगा है.
- मृतकों की पहचान दिव्यांग अंकित और उसके दोस्त इसरार के रूप में हुई, जो 24 जुलाई से लापता थे.
- आरोप है कि पुजारी ने चाय में जहर मिलाकर दोनों की हत्या कर शव मंदिर परिसर में दबा दिए.
मंदिर को आस्था का केंद्र माना जाता है, लेकिन बागपत में एक मंदिर के पुजारी पर ऐसा खौफनाक कांड करने का आरोप लगा है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. आरोप है कि पुजारी ने अपने बेटे और दो शिष्यों के साथ मिलकर चाय में जहर देकर दो दोस्तों की हत्या कर दी. वारदात के बाद दोनों के शव मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबा दिए और ऊपर से टाइल्स लगाकर पुजारी वहीं धूना रमाकर बैठ गया. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों शव बरामद कर लिए हैं. मुख्य आरोपी पुजारी और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
24 जुलाई से लापता थे मुकेश और इसरार
मृतक की पहचान चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिंगोली तगा निवासी 27 वर्षीय दिव्यांग अंकित पुत्र मुकेश और उसका दोस्त 34 वर्षीय इसरार पुत्र रिडकू के रूप में हुई है. दोनों 24 जुलाई को बाइक से खेकड़ा जाने की बात कहकर घर से निकले थे. इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे.
अंकित की बहन भावना ने चांदीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की. पुलिस की जांच में ग्राम लहचौड़ा स्थित श्री गणेश भगवान मंदिर के पुजारी नरेश नाथ का नाम सामने आया.

मंदिर परिसर की वो जगह, जहां से पुलिस ने दोनों युवकों के शव बरामद किए.
अंकित की बहन से पुजारी का अवैध संबंध
पुलिस के अनुसार नरेश नाथ पहले सिंगोली तगा के शिव मंदिर में रहता था. बाद में ग्रामीणों के विरोध के बाद वह लहचौड़ा स्थित मंदिर में रहने लगा. इसी दौरान अंकित की बहन से उसके कथित अवैध संबंध हो गए. कुछ दिन पहले दोनों का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. बताया जा रहा है कि अंकित ने इसका विरोध किया और अपने दोस्त इसरार के साथ मंदिर पहुंचा था.
चाय में जहर और फिर मंदिर में कब्र
आरोप है कि 25 जुलाई को मंदिर में ही दोनों दोस्तों को चाय पिलाई गई. चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर उनकी हत्या कर दी गई. इसके बाद दोनों के शव मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबा दिए गए. शवों के ऊपर दोबारा टाइल्स लगा दी गईं, ताकि किसी को वारदात का पता न चल सके. आरोप है कि हत्या के बाद पुजारी मंदिर में ही धूना रमाकर बैठा रहा.

युवक की मौत के बाद घर में विलाप करते परिजन.
सर्विलांस से खुला राज, खुदाई में निकले शव
पुलिस ने सर्विलांस और अन्य जांच के आधार पर पूरनपुर नवादा निवासी उज्ज्वल पांचाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस के अनुसार पूछताछ में मंदिर में शव दबाए जाने की जानकारी सामने आई. उज्ज्वल की निशानदेही पर मंदिर परिसर में खुदाई कर दोनों शव बरामद किए गए. पुलिस ने कृष्णा यादव को भी गिरफ्तार किया है.
चार आरोपियों के नाम सामने आए
मामले में पुजारी नरेश नाथ, उसका नाबालिग बेटा, उज्ज्वल पांचाल और कृष्णा यादव के नाम सामने आए हैं. पुलिस ने उज्ज्वल और कृष्णा को गिरफ्तार किया है, जबकि पुजारी नरेश नाथ समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस पूरे मामले में हत्या की वजह, जहर और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
परिजनों ने पुलिस पर भी उठाए सवाल
अंकित के परिजनों का आरोप है कि, सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने और सर्विलांस जांच के बाद पुलिस को घटना की भनक लग गई थी. उनका दावा है कि कांवड़ मेले के चलते माहौल खराब न हो, इसलिए मामले का तत्काल खुलासा नहीं किया गया. परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने पुजारी समेत कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया था. हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
बागपत एसपी ने बताया- दो आरोपी गिरफ्तार, दो फरार की तलाश जारी
मामले में बागपत एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि, 29 जुलाई 2026 को थाना चांदीनगर में लैचोड़ा के रहने वाले दो युवकों के लगभग 3 दिन से गुमशुदा रहने की सूचना मिली थी. मामला दर्ज कर जांच शुरू की. 12 अगस्त को मामले का खुलासा हुआ. एसपी ने बताया कि मृतक अंकुर के परिवार में किसी के साथ अवैध संबंध था और इसी के चलते दोनों में आपस में विवाद था.
25 जुलाई अभियुक्त ने अपने दो शिष्यों और बेटे के साथ मिलकर इन दोनों व्यक्तियों की हत्या कर दी और इनको अपने आवासीय परिसर में ही दफना दिया. पूछताछ के बाद मंदिर परिसर से दोनों शवों निकाले गए. घटना में शामिल दो आरोपी उज्ज्वल और कृष्णा यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. शेष दो आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है.
(बागपत से विपिन कुमार की रिपोर्ट)
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