आजकल हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) और डायबिटीज (Diabetes) दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही समस्याएं बन चुकी हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार दुनिया में लगभग 1.4 अरब लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं, जबकि 83 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज़ के साथ जी रहे हैं. बदलती लाइफस्टाइल, देर रात तक जागना और इर्रेगुलर खाने की आदतें इन बीमारियों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. हाल ही में आई एक नई स्टडी ने खाने के समय को लेकर दिलचस्प जानकारी दी है. शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप सोने से कम से कम तीन घंटे पहले खाना बंद कर देते हैं, तो इससे ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. यह अध्ययन अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया और इसे आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, थ्रोम्बोसिस और वैस्कुलर बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया.
एक्सपर्ट्स के अनुसार यह सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप क्या खाते हैं, बल्कि यह भी उतना ही जरूरी है कि आप कब खाते हैं. सही समय पर खाना शरीर की नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्केडियन रिद्म के साथ तालमेल बनाता है, जिससे दिल और मेटाबॉलिज्म दोनों हेल्दी रह सकते हैं.
सर्केडियन रिद्म और खाने का समय
हमारे शरीर में एक नेचुरल क्लॉक होती है जिसे सर्केडियन रिद्म कहा जाता है. यह घड़ी नींद, पाचन, हार्मोन रिलीज और हार्ट फंक्शनिंग को कंट्रोल करती है. जब हम देर रात खाना खाते हैं, तो शरीर को आराम करने के बजाय पाचन की प्रक्रिया जारी रखनी पड़ती है. इससे मेटाबॉलिज्म पर दबाव पड़ता है और ब्लड शुगर तथा ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. अगर खाना खाने का समय शरीर की इस नेचुरल रिदम के साथ मेल खाता है, तो शरीर बेहतर तरीके से काम करता है.

स्टडी में क्या किया गया?
इस अध्ययन में 36 से 75 साल के बीच के 39 वयस्क शामिल थे, जिनमें मोटापा या मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा था. पार्टिपेंट्स को दो ग्रुप्स में बांटा गया - पहला समूह रात में 13 से 16 घंटे का उपवास करता था. दूसरा समूह 11 से 13 घंटे का उपवास करता था.
दोनों ग्रुप्स को सोने से तीन घंटे पहले खाना बंद करने और रोशनी कम करने के लिए कहा गया. अध्ययन लगभग 7.5 हफ्ते तक चला.
क्या रिजल्ट सामने आए?
स्टडी के नतीजे काफी दिलचस्प रहे. जिन लोगों ने लंबा उपवास रखा और सोने से पहले खाना बंद किया, उनमें कई सकारात्मक बदलाव देखे गए.
- रात के समय ब्लड प्रेशर लगभग 3.5 प्रतिशत कम हुआ
- हार्ट बीट में करीब 5 प्रतिशत कमी आई
- ब्लड शुगर कंट्रोल बेहतर हुआ
- इंसुलिन फंक्शनिंग में सुधार देखा गया
इन बदलावों से दिल और मेटाबॉलिज्म पर दबाव कम पड़ता है और भविष्य में हार्ट डिजीज का खतरा घट सकता है.
इससे शरीर को कैसे फायदा होता है?
जब रात में शरीर को लंबा आराम मिलता है और डायजेशन सिस्टम एक्टिव नहीं रहता, तो शरीर खुद की मरम्मत और बैलेंस पर ध्यान देता है. इस दौरान हार्मोन बैलेंस होते हैं, कोर्टिसोल स्तर कम होता है, मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. इससे दिल और ब्लड शुगर दोनों के लिए लाभदायक प्रभाव पड़ता है.

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3-घंटे नियम को अपनाने के आसान तरीके
अगर आप इस आदत को अपनाना चाहते हैं, तो कुछ सरल कदम मदद कर सकते हैं:
जल्दी डिनर करें:
अगर आपकी नींद का समय रात 10 बजे है, तो कोशिश करें कि रात का खाना 7 बजे तक खत्म कर लें.
हल्का भोजन लें:
रात में भारी भोजन की जगह हल्का और बैलेंस खाना लें, जैसे दाल, सब्जी, सलाद या प्रोटीन से भरपूर भोजन.
स्क्रीन और तेज रोशनी कम करें
सोने से पहले तेज रोशनी और मोबाइल स्क्रीन कम करें, इससे शरीर को आराम का संकेत मिलता है.
नई स्टडी यह संकेत देती है कि सोने से तीन घंटे पहले खाना बंद करना एक सरल लेकिन प्रभावी आदत हो सकती है, जो ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है.
हालांकि यह अध्ययन छोटा था और ज्यादा शोध की जरूरत है, लेकिन यह साफ है कि खाने का सही समय हेल्दी लाइफस्टाइल का बड़ा हिस्सा है. बैलेंस डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और सही समय पर भोजन ये तीनों मिलकर हार्ट और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रख सकते हैं.
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