Sugarcane FAQs: गर्मियां नजदीक है, इसी के साथ अपने आप आपको को लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए तरह-तरह की ठंडी ड्रिंक्स को अपनी डाइट मे शामिल जाएगा, जिसमें से एक है गन्ने का जूस. हर सड़क किनारे मिलने वाली यह स्वादिष्ठ ड्रिंक शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेटेड रहने में बेहद मददगार है, लेकिन क्या यह सचमुच ये ड्रिंक 'हीट स्ट्रोक' से बचाती है. आइए न्यूट्रीशनिस्ट अमिता गडरे से जानते हैं.

क्या गन्ने का जूस हीट स्ट्रोक से बचाता है?
न्यूट्रिशनिस्ट अमिता के अनुसार, गन्ने का जूस आपको हीट स्ट्रोक से नहीं बचाता है. हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जो तब होती है जब शरीर अपने टेंपरेचर को कंट्रोल नहीं कर पाता, अक्सर ऐसा डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की वजह से होता है.
क्या गन्ने का रस सच में इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है?
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अमिता गाडरे के अनुसार यह पूरी तरह सच नहीं है. जब हम पसीना बहाते हैं, तो हमारे शरीर से 1 लीटर पसीने में लगभग 900 mg सोडियम निकल जाता है. जबकि एक गिलास गन्ने के रस में सिर्फ 11 से 17 mg सोडियम ही होता है, जिसका मतलब है दोनों के बीच बहुत बड़ा फर्क है. उन्होंने आगे बताया, अगर आप केवल गन्ने का रस पीते हैं तो आप असल में मीठा पानी ही पी रहे होते हैं, जो इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी नहीं कर पाता. इससे बेहतर है कि आप नींबू पानी में चुटकी भर नमक मिलाकर पिएं. यह शरीर में खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को वापस लाने में कहीं ज़्यादा असरदार होता है.

क्या गन्ने का जूस पीने से शुगर लेवल बढ़ता है?
गाडरे के अनुसार, एक गिलास गन्ने के रस में 25 से 40 ग्राम तक 'फ्री शुगर' हो सकती है, जससे खून में ग्लूकोज़ का स्तर तेजी से बढ़ सकता है, खासकर तब जब इसे खाली पेट या ज्यादा मात्रा में पिया जाए. वैसे तो यह आपको तुरंत एनर्जी दे सकता है, लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि यह लंबे समय तक हाइड्रेशन या पूरी सेहत के लिए फायदेमंद हो.
इसे भी पढ़ें: घर पर नींबू कैसे लगाएं? यहां जानें गमले में नींबू उगाने का सही तरीका क्या है...
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं