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8 साल की बच्ची की का 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' की वजह से गई जान, लेक में स्वीमिंग के बाद हुआ था इन्फेक्शन

8 साल की बच्ची की ब्रेन ईटिंग अमीबा की वजह से मौत हो गई, ये बहुत ही दुर्लभ इंफेक्शन है. यहां जानते हैं इस इंफेक्शन के बारे में विस्तार से-

8 साल की बच्ची की का 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' की वजह से गई जान, लेक में स्वीमिंग के बाद हुआ था इन्फेक्शन
Brain Eating Amoeba Infection : ब्रेन ईटिंग अमीबा क्या है? इसके लक्षण और बचाव

अमेरिका में एक 8 साल की बच्ची की उसके जन्मदिन के अगले दिन मौत हो गई. बच्ची के परिवार का कहना है कि लेक में नहाने के बाद बच्ची एक बहुत ही दुर्लभ और घातक इंफेक्शन की चपेट में आ गई थीं. संक्रमण इतना खतरनाक था कि कुछ ही दिनों में उसके दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा और आखिरकार शनिवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई. बच्ची की नाम लिलियन बताया जा रहा है. वह बीते 15 अगस्त से रस्टन के एक अस्पताल में भर्ती थीं. डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए थे, लेकिन दिमाग में आई सूजन लगातार बढ़ती गई. खबरों के मुताबिक, बच्ची ब्रेन ईटिंग अमीबी से संक्रमित थी. यहां जानते हैं पूरी खबर-

क्या है मामला?

लुइसियाना के हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से इस बात की पुष्टि की गई थी कि राज्य में रहने वाले एक निवासी नेगलेरिया फाउलेरी नाम के अमीबा से संक्रमित पाया गया है. जांच में सामने आया कि संक्रमण का सबसे संभावित कारण क्लेबोर्न पैरिश स्थित लेक क्लेबोर्न में तैराकी करना था. बाद में स्थानीय मीडिया की ओर से बच्ची के नाम की पुष्टि की गई. 

परिवार ने इससे पहले बताया था कि पैरासिटिक इंफेक्शन की वजह से लिलियन के दिमाग में गंभीर सूजन आ गई थी. 21 अगस्त को परिवार और स्थानीय लोगों ने 'Love for Lillian' नाम से एक प्रोग्राम आयोजित कर उसका आठवां जन्मदिन भी मनाया था. उस समय सभी उसकी सलामती की दुआ कर रहे थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद दुखद खबर आ गई. यहां समझते हैं आखिर क्या है ब्रेन ईटिंग अमीबा और इसके लक्षण?

क्या है 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा और कैसे फैलता है'?

नेगलेरिया फाउलेरी को आम बोलचाल की भाषा में ब्रेन-ईटिंग अमीबा कहा जाता है. यह एक सूक्ष्म पैरासाइट है, जो आमतौर पर गर्म मीठे पानी, जैसे- झीलों, तालाबों और नदियों में पाया जाता है. जब संक्रमित पानी नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, तो ये पैरासाइट सीधे ब्रेन तक पहुंच सकता है और वहां प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) नाम की दुर्लभ बीमारी पैदा करता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि संक्रमित पानी पीने से ये बीमारी नहीं होती और न ही ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है. ये अमीबा समुद्री पानी या सही तरीके से क्लोरीन युक्त स्विमिंग पूल में नहीं पाया जाता.

शुरुआती लक्षण हैं काफी कॉमन

ब्रेन ईटिंग अमीबा के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू या वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं. इससे संक्रमित मरीज को तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी और मतली की शिकायत हो सकती है. लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति बिगड़कर गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे और कोमा तक पहुंच सकती है.

कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे संक्रमित होने के 1 से 12 दिनों के अंदर लक्षण सामने आ सकते हैं और कई मामलों में लक्षण शुरू होने के कुछ ही दिनों के अंदर मरीज की मौत हो जाती है.

कितनी खतरनाक है ये बीमारी?

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, ये बहुत ही दुर्लभ इंफेक्शन है, लेकिन इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक है. PAM से संक्रमित करीब 97 प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती है. 1937 से अब तक अमेरिका में इसके लगभग 180 मामले दर्ज किए गए हैं.

कैसे करें बचाव?

  • गर्मियों में झील, तालाब या अन्य गर्म मीठे पानी में स्वीमिंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. 
  • एक्सपर्ट का कहना है कि स्वीमिंग के दौरान नाक में पानी जाने से बचने के लिए नोज क्लिप का इस्तेमाल करें.
  • गर्म और मीठे पानी में स्वीमिंग ना करें. 
  • इसके अलावा नेति पॉट या साइनस की सफाई के लिए हमेशा उबले, स्टरलाइज्ड या डिस्टिल्ड पानी का ही इस्तेमाल करें.

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