आज की हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान, खराब लाइफस्टाइल की वजह से शरीर को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उन्हीं में से एक है पेट साफ न होने की. सुबह-सुबह पेट ठीक से साफ न हो, तो पूरा दिन भारीपन, गैस, एसिडिटी और चिड़चिड़ेपन में बीतता है. कई लोग इसके लिए तरह-तरह के चूर्ण, सिरप और दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी स्थाई राहत नहीं मिलती.
अगर आप भी रोज सुबह इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो लेप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. नितिन कुमार बंसल के के बताए इस नुस्खे को ट्राई कर सकते हैं. डॉक्टर बंसल के अनुसार, हमारे पाचन तंत्र को सही रखने में सबसे बड़ा रोल फाइबर का होता है और इस फाइबर की कमी को आप अपनी रोज की रोटी से ही पूरा कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं कैसे.

right way to eat papaya for constipation
Photo Credit: Freepik
रोटी बनाने से पहले आटे में क्या मिलाएं-
आपको रोटी बनाने से ठीक पहले आटा गूंथते समय गेहूं के आटे में इसबगोल की भुसी मिलानी है. हम आमतौर पर इसबगोल को पानी या दूध में घोलकर रात में पीते हैं, लेकिन अगर आप इसे सीधे आटे में मिलाकर रोटी बनाएंगे, तो इसका असर और भी बेहतरीन होता है.
कैसे करें आटे में इस्तेमाल?
3 से 4 रोटी के आटे में लगभग 1 चम्मच इसबगोल की भुसी मिलाएं. आटा गूंथने से पहले सूखे आटे में इसबगोल को अच्छी तरह मिला लें.
इसबगोल पानी को जल्दी सोखता है, इसलिए आटा गूंथते समय थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर आटे को थोड़ा नरम गूंथें.
आटा गूंथने के बाद इसे 10 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि इसबगोल अच्छी तरह से फूल जाए. इसके बाद सामान्य तरीके से रोटियां बना लें.
कैसे का करता है यह नुस्खा?
डॉक्टर बंसल के अनुसार जब आप आटे में इसबगोल मिलाकर रोटी खाते हैं, तो यह आपके शरीर में जाकर एक नेचुरल स्पंज की तरह काम करता है. यह आंतों में मौजूद पानी को सोखकर मल को नरम बनाता है, जिससे सुबह पेट बिना किसी जोर-जबरदस्ती के आसानी से साफ हो जाता है. इसके अलावा, गेहूं के आटे में रिफाइंड प्रोसेस के कारण फाइबर कम हो जाता है, लेकिन इसबगोल मिलाने से रोटी में घुलनशील फाइबर की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है.
इस रोटी को खाने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं?
- रोज सुबह पेट खुलकर साफ होता है और भारीपन महसूस नहीं होता. पेट को साफ करने में मददगार है.
- जब पेट साफ रहेगा, तो गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं अपने आप खत्म हो जाती हैं.
- फाइबर से भरपूर रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन को कम कर सकते हैं.
- यह आंतों की अंदरूनी सफाई करता है और पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है.
एक्सपर्ट के बारे में- डॉ. नितिन कुमार बंसल एक प्रतिष्ठित लेप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) सर्जन हैं, जिन्हें एडवांस्ड मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है. वे हरियाणा में लेप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक सर्जरी के अग्रणी सर्जनों में गिने जाते हैं और मरीजों को सुरक्षित, आधुनिक एवं प्रभावी सर्जिकल उपचार प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं.
ये भी पढ़ें- अर्जुन की छाल और पत्ते हैं सेहत का खजाना, इस्तेमाल से पहले जान लें सही तरीका
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं