Kaun Si Roti Khane Se Pet Saaf Rahta Hai: आज के समय में कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं. गलत खानपान, कम पानी पीना और पूरा दिन एक ही जगह बैठे रहना इस परेशानी को और बढ़ा देता है. सुबह पेट साफ न हो तो पूरा दिन सुस्ती और थकान में निकलता है. अगर आप भी कब्ज की समस्या से परेशान हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. डॉक्टर नितिन बंसल का कहना है कि हमारी किचन में रखी छोटी-छोटी चीजें ही हमारी सेहत की बड़ी से बड़ी परेशानी को दूर कर सकती हैं. अगर आप सिर्फ अपने रोजाना खाए जाने वाले आटे में थोड़ा बदलाव कर लें, तो पेट साफ़ और स्वस्थ रह सकता है. आइए जानते हैं डॉ. के बताए गए उन 4 खास आटों के बारे में.
पेट के लिए वरदान हैं ये आटे- (Which Roti Is Best for Constipation)
1. राजगीरा का आटा- (Amaranth Flour)
राजगीरा का आटा पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. जब आप राजगीरा के आटे की रोटी खाते हैं, तो यह पेट में जाकर खाना पचाने में मदद करती है और कब्ज की छुट्टी कर देती है. पेट की सफाई के लिए यह एक बेहतरीन ऑप्शन है.
2. ज्वार का आटा- (Sorghum Flour)
डॉ. नितिन बंसल के अनुसार, ज्वार में डाइटरी फाइबर बहुत अच्छी मात्रा में होता है. यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और मल त्याग की प्रक्रिया को बहुत आसान बनाता है. अगर आपको अक्सर कब्ज रहती है, तो अपने गेहूं के आटे की जगह हफ्ते में कुछ दिन ज्वार की रोटी जरूर खानी चाहिए.

कब्ज की समस्या कैसे दूर करें. (Image NDTV)
3. रागी का आटा- (Ragi Flour)
रागी यानी मरुआ का आटा कैल्शियम के साथ-साथ फाइबर से भी भरपूर होता है. यह आंतों की सफाई करने में मदद करता है, जिससे सुबह पेट साफ होने में कोई परेशानी नहीं होती. इसे आप आसानी से रोटी या चीले के रूप में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
4. सिंघाड़े का आटा- (Water Chestnut Flour)
सिंघाड़े का आटा सिर्फ व्रत या उपवास के समय ही नहीं, बल्कि आम दिनों में भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व और फाइबर पेट की गर्मी को शांत करते हैं और कब्ज की समस्या से राहत दिलाते हैं. यह हल्का होता है और पेट पर ज्यादा जोर नहीं डालता, जिससे खाना आसानी से पच जाता है.
कैसे बनाएं रोटी-
इन रोटियों को बनाने का तरीका थोड़ा अलग होता है. इन्हें बनाने के लिए आप आटे को छानकर गुनगुने पानी में थोड़ा-थोड़ा गूंथकर रोटी बनाएं. आप इसमें थोड़ा सा नमक और घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप रोटी नहीं बनाना चाहते हैं, तो इससे पराठे बना सकते हैं.
डॉ. नितिन कुमार बंसल एक प्रतिष्ठित लेप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) सर्जन हैं, जिन्हें एडवांस्ड मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे हरियाणा में लेप्रोस्कोपिक बैरिएट्रिक सर्जरी के अग्रणी सर्जनों में गिने जाते हैं और मरीजों को सुरक्षित, आधुनिक एवं प्रभावी सर्जिकल उपचार प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं.
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