कल यानि 30 जुलाई से सावन महीना शुरू हो रहा है, जो 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन समाप्त होगा. सावन के महीने को बहुत ही पवित्र और पावन माना जाता है. भोलेनाथ के भक्त पूरे महीने शिव शंकर की पूजा में लीन रहते हैं. आपको बता दें कि सावन की ठंडी-ठंडी रिमझिम बरसते बादल गर्मी से राहत पहुंचाने हैं. लेकिन इस मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. मानसून में हमारा डाइजेशन यानी पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त हो जाता है. ऐसे में हम जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है.
अगर आप भी सावन के पूरे महीने खुद को सेहतमंद और फिट रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी डाइट बदल लें. चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं सावन में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं.
सावन में क्या खाएं- (What to eat in sawan 2026)
- पाचन को बेहतर बनाने और संक्रमण से बचने के लिए गर्म, ताजा और घर का बना खाना खाएं.
- बारिश के मौसम में सूप और स्टीम की गई सब्जियों जैसा हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं.
- इम्यूनिटी बढ़ाने और संक्रमण से लड़ने वाले गुणों के कारण खाना पकाने में नियमित रूप से अदरक, काली मिर्च और हल्दी का इस्तेमाल करें.
- पाचन को बेहतर बनाने और संक्रमण से दूर रहने के लिए दालचीनी, जायफल और इलायची जैसे मसालों का इस्तेमाल करें.
- हेल्दी फैट और जरूरी पोषक तत्व पाने के लिए बादाम, अखरोट, किशमिश और काजू जैसे सूखे मेवे और नट्स सीमित मात्रा में खाएं.
- इम्यूनिटी मजबूत करने और पाचन तंत्र को आराम देने के लिए अदरक, तुलसी और शहद से बनी हर्बल टी पिएं.
- पेट की सेहत को बेहतर बनाने और पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं.

क्या न खाएं- ((What not to eat in sawan 2026)
- सावन में ज्यादा पानी वाले खाने की चीजों जैसे तरबूज और खीरे से बचना चाहिए.
- स्ट्रीट फूड बारिश के दौरान यह काफी नुकसानदायक हो सकता है. नमी और बारिश के पानी के संपर्क में आने से इन खाने की चीजों में बैक्टीरिया और दूसरे कीटाणु आसानी से पनप सकते हैं. इससे पेट के इन्फेक्शन और फूड पॉइजनिंग हो सकती है.
- मसालेदार खाना पाचन की समस्याओं को और बढ़ा सकता है, जो बारिश के मौसम में आम बात है. सावन के महीने में जितना हो सकते हल्के मसाले में भोजन बनाएं.
- बैंगन में कीड़े लगना बहुत आम बात है, खासकर बरसात के मौसम में. इस मौसम में बैंगन के अंदर बारीक कीड़े और उनके अंडे आसानी से पनपते हैं. कई बार बाहर से बिल्कुल साफ दिखने वाला बैंगन अंदर से खराब निकलता है. कीड़े वाले बैंगन को खाने से पेट में तेज दर्द और फूड पॉइजनिंग हो सकती है.
- सावन के मौसम में हवा में नमी यानी मॉइश्चर बहुत बढ़ जाता है. इस वजह से पत्तेदार सब्जियों के पत्तों पर छोटे-छोटे कीड़े, उनके अंडे और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. कई बार ये कीड़े इतने बारीक होते हैं कि पानी से अच्छी तरह धोने के बाद भी नहीं निकलते. अगर आप इन्हें खा लेते हैं, तो ये पेट में जाकर इंफेक्शन फैला सकते हैं. इसलिए बरसात में पालक, लाल साग, मेथी और बंदगोभी जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए.
क्या कहती है रिसर्च-
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपी रिसर्च के अनुसार, जब हम उपवास या हल्का भोजन करते हैं, तो हमारे पाचन तंत्र को आराम मिलता है जिससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं.
FDA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नमी वाले मौसम में खुली और पत्तेदार सब्जियों में ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया बहुत तेजी से फैलते हैं, जो पेट के गंभीर इंफेक्शन का कारण बनते हैं.
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