दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर भारत से मॉनसून की विदाई तय हो चुकी है, लेकिन बिहार, झारखंड, बंगाल समेत कई राज्यों में अभी भी बारिश का दौर एक हफ्ते तक जारी रह सकता है. महाराष्ट्र, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी बरसात अभी जारी रहेगी. मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर में भारी बारिश के बाद अगले 2-3 दिनों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से मॉनसून की वापसी हो जाएगी. जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार,झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी मॉनसून के लौटने के हालात अनुकूल बन गए हैं.
उत्तराखंड और कश्मीर का मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में 5-6 अक्टूबर, उत्तराखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर और फिर 5-6 अक्टूबर को भारी बारिश के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर लगभग खत्म हो चुका है. महाराष्ट्र के विदर्भ में 5-6 अक्टूबर और छत्तीसगढ़ में 2 से 6 अक्टूबर को बारिश होने के आसार हैं. बंगाल, ओडिशा और झारखंड में 2 अक्टूबर तक बारिश होने का अनुमान है. बिहार में 3 से 6 अक्टूबर तक बारिश होने का अनुमान है. ओडिशा में आंधी, तूफान और बिजली कड़कने और तेज हवाओं के दौरान 1 से 6 अक्टूबर तक बारिश होने का अनुमान है. उत्तराखंड में भी पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ रीजन में थोड़ी बारिश हो सकती है. चारधाम यात्रा में केदारनाथ, बद्रीनाथ रीजन में मौसम बदलेगा. पंजाब में भी अमृतसर, गुरदासपुर में भी हल्की बारिश हो सकती है.

महाराष्ट्र-गोवा में भी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भी असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अभी एक हफ्ते बारिश क् दौर चलता रहेगा. महाराष्ट्र और गोवा के कोंकण रीजन में 6 अक्टूबर तक और गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र रीजन में बारिश होने के संकेत हैं. महाराष्ट्र में पुणे, कोल्हापुर, सोलापुर, नागपुर समेत कई जगहों पर बारिश रहेगा. इस दौरान, आंधी, तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, रायलसीमा और केरल में भी अभी अक्टूबर के पहले हफ्ते में बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
Weather Systems, Forecast and Warnings :
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 30, 2026
❖ Yesterday's Depression over coastal Myanmar & adjoining northeast Bay of Bengal & southeast Bangladesh moved north-northwestwards and weaken into a Well-Marked Low-Pressure Area over North Myanmar and adjoining areas of southeast… pic.twitter.com/3PVUBeWa4A
अल नीनो से मॉनसून बारिश 2001 के बाद चौथी सबसे कम रही
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि जून-सितंबर के 4 महीनों में बारिश का औसत 87.4 प्रतिशत ही रहा. यह 2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मॉनसूनी सीजन था. इस मॉनसून में बारिश की कमी की मुख्य वजह प्रशांत महासागर क्षेत्र में बनी अल नीनो की स्थिति थी. मजबूत अल नीनो मार्च 2027 तक असर दिखाएगा. इस सीजन में मॉनसून के दौरान 759.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. सामान्य बारिश 868.6 मिमी होती है. यानी बारिश में 13 प्रतिशत की कमी रही.
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