खाने में पशु प्रोटीन की तुलना में प्लांट बेस्ड प्रोटीन का सेवन बढ़ाने से दिल की बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है. सोमवार को जारी एक शोध में यह पता चला है. हार्वर्ड विश्वविद्यालय के हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में पता चला है कि हार्ट संबंधी जोखिम को कम करने के लिए रेड और प्रोसेस्ड मीट के बदले प्लांट बेस्ड प्रोटीन को डाइट में शामिल करने से लाभ होता है. अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा, "इस तरह की डाइट पैटर्न न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए बल्कि हमारे ग्रह के लिए भी फायदेमंद है."
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
प्लांट प्रोटीन दिल के लिए कैसे फायदेमंद?
अध्ययन का उद्देश्य पशु प्रोटीन और प्लांट बेस्ड प्रोटीन के बीच तुलना करना है कि यह कैसे दिल के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में पोषण और फूड स्टडीज डिपार्टमेंट में सहायक प्रोफेसर और शोध की मुख्य लेखिका एंड्रिया ग्लेन ने कहा, "अमेरिकी लोगों की डाइट में पौधों से प्राप्त प्रोटीन और पशु से प्राप्त प्रोटीन का अनुपात लगभग 1:3 होता है. हमारे अध्ययन के अनुसार, कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) को रोकने के लिए इस अनुपात को घटाकर कम से कम 1:2 करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं."
शोधकर्ताओं ने क्या कहा?
ग्लेन ने कहा कि कोरोनरी हार्ट डिजीज (सीएचडी) को रोकने के लिए प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अनुपात 1:1.3 या उससे कम होना चाहिए यानि प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अनुपात बढ़ना चाहिए.
टीम ने लगभग 2,03,000 वयस्कों के बीच डाइट, लाइफस्टाइल और हार्ट हेल्थ पर 30 सालों के डेटा का उपयोग किया. चार साल की अध्ययन अवधि के दौरान, 16,118 सीवीडी मामलों को दर्ज किया गया, जिसमें 10 हजार से ज्यादा सीएचडी के और छह हजार से ज्यादा स्ट्रोक के मामले शामिल थे.
19 प्रतिशत तक सीवीडी का कम जोखिम:
परिणामों से पता चला कि जिन लोगों ने प्लांट बेस्ड प्रोटीन की तुलना में पशु प्रोटीन का कम (अनुपात लगभग 1:1.3) सेवन किया, उनमें सीवीडी का जोखिम 19 प्रतिशत कम था और सीएचडी का जोखिम 27 प्रतिशत कम था.
जिन लोगों को अपनी डेली डाइट से मिलने वाली एनर्जी का 21 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से मिलता था, उन्होंने अपनी डाइट में प्लांट बेस्ड प्रोटीन को शामिल किया. यह देखा गया कि इससे उनमें सीवीडी का खतरा 28 प्रतिशत कम था और सीएचडी का खतरा 36 प्रतिशत कम था.
शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट की जगह कई प्लांट प्रोटीन स्रोतों, खास तौर पर नट्स और फलियों का इस्तेमाल करने से ब्लड लिपिड और ब्लड प्रेशर के साथ-साथ सूजन संबंधी बायोमार्कर में भी सुधार हो सकता है. ऐसा आंशिक रूप से इसलिए है क्योंकि प्लांट प्रोटीन में अक्सर फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट विटामिन, मिनरल और बड़ी मात्रा में हेल्दी फैट होता है.
Yoga For Concentration: बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने वाले 5 बेहतरीन योग | Watch Video
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं