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48 डिग्री के पार पहुंचा पारा, शरीर के साथ क्‍या कर सकती है एक्‍ट्रीम हीट, हीट वेव से सेहत पर पड़ता है क्‍या-क्‍या असर

Heatwave Effects on Body: दिल्ली के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट Dr. Naresh Trehan ने बताया कि कैसे हीटवेव सिर्फ आपके शरीर पर ही नहीं बल्कि आपके हार्ट पर भी असर डालती है. किन लोगों को इससे खुद की सुरक्षा दूसरों के मुकाबले ज्यादा करनी चाहिए.

48 डिग्री के पार पहुंचा पारा, शरीर के साथ क्‍या कर सकती है एक्‍ट्रीम हीट, हीट वेव से सेहत पर पड़ता है क्‍या-क्‍या असर
Heatwave Effects on Body: दिल पर भी पड़ता है हीटवेव का असर. ( AI Image)

Heatwave Effects on Body: भीषण गर्मी ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया है. देश के कई हिस्सों में तो तापमान 48 डिग्री के पार तक पहुंच चुका है. घर से बाहर निकलते ही चलने वाली गर्म और तेज हवाएं ऐसे लगती हैं जैसे आग बरस रही हो. इस भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave) का असर सिर्फ पसीना आने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के लगभग हर हिस्से पर असर डाल सकता है. अगर हीटवेव में सावधानी न बरती जाए तो इसकी वजह से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, बेहोशी और हार्ट से जुड़ी गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं.

दिल्ली के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट Dr. Naresh Trehan के मुताबिक, तेज गर्मी में शरीर का तापमान कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है. इससे दिल पर दबाव बढ़ता है और शरीर के कई अंग प्रभावित होने लगते हैं.

सिर और दिमाग पर असर

एक्सट्रीम हीट (Extreme Heat) का असर आपके शरीर के साथ ही सबसे पहला असर सिर और दिमाग पर पड़ता है. तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने या सीधी धूप सिर पर पड़ने से सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी होने लगती है. वहीं तेज धूप की वजह से कई लोगों को अचानक बेहोशी तक आ सकती है. वहीं कई बार तो बॉडी का टेंपरेचर इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) का खतरा भी हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है.

आंखों पर क्या असर पड़ता है?

गर्म हवाएं और तेज धूप की वजह से आंखों में जलन, हल्का दर्द, लाल आंखें और ड्राइनेस पैदा हो सकती हैं. अगर काफी लंबे समय तक धूप में रहते हैं तो आंखों से पानी आना और धुंधला दिखना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं.

दिल पर पड़ता है दबाव

बता दें कि ये भीषण गर्मी सिर्फ शरीर को बाहरी तौर पर ही नहीं बल्कि हार्ट पर भी असर डालता है. दरअसल शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. जिस वजह से हार्ट रेट भी बढ़ सकता है और बीपी भी गड़बड़ हो सकता है. जिन लोगों को पहले से हार्ट, हाई बीपी या डायबिटीज है की समस्या हैं तो ऐसे लोगों को हीटवेव (Heatwave) में खुद को ज्यादा सुरक्षित रखने की जरूरत होती है. 

फेफड़ों और सांस पर असर

तेज धूप, गर्म हवाओं की वजह से कई लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है. अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों को इस तरह में ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. कई बार तेज गर्मी में सांस फूलना और बेचैनी भी महसूस होती है.

पेट और पाचन पर असर

गर्मियों में ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिससे पेट खराब होना, उल्टी, दस्त और भूख कम लगने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. वहीं कई बार बासी या फिर बाहर का खाना खाने से फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्या भी हो सकती है.

स्किन और पैरों पर असर

Heatwave के दौरान स्किन पर लाल चकत्ते, घमौरियां और जलन आम बात है. ज्यादा देर तक धूप में रहने से पैरों में सूजन और कमजोरी भी महसूस हो सकती है.

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कैसे करें बचाव?

  • दिन में बार-बार पानी पीते रहें.
  • ORS, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करें. 
  • दोपहर में 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • हल्के और सूती कपड़े पहनें.
  • ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना कम खाएं.
  • चक्कर, तेज बुखार या बेहोशी लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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