Janmashtami 56 Bhog Story : 4 सितंबर शुक्रवार को पूरे देशभर में भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. इस मौके पर हम में से कई लोग 56 भोग लगाना चाहते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर 56 भोग की परंपरा क्यों शुरू हुई? और जन्माष्टमी से एक दिन पहले किन तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए? अगर नहीं, तो यहां जान लें आखिर क्यों लगाया जाता ह 56 भोग और इसमें क्या-क्या चीजें शामिल की जाती हैं. यहां जानते हैं विस्तार से-
क्यों लगाया जाता है 56 भोग?
पौराणिक धार्मिक मान्यता के मुताबिक, जब इंद्र देव के प्रकोप से ब्रज में भारी वर्षा हुई थी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों और पशुओं की रक्षा की थी. ये लीला लगातार 7 दिनों तक चली. इन सातों दिन श्रीकृष्ण ने भोजन नहीं किया.
ऐसा माना जाता है कि माता यशोदा कृष्ण को दिन में आठ बार भोजन कराती थीं. सात दिन तक भोजन न करने के कारण ब्रजवासियों ने 8 भोजन के हिसाब से 56 तरह के डिशेज बनाकर भगवान को अर्पित किए. तभी से छप्पन भोग की परंपरा शुरू हुई.
56 भोग में क्या-क्या शामिल होता है?
अलग-अलग क्षेत्रों में छप्पन भोग की लिस्ट अलग-अलग होती है. लेकिन आमतौर पर इन भोग में मिठाइयां, फल, ड्रिंक्स, नमकीन, मेन फूड और दूध से बनी चीजें शामिल की जाती हैं.
मिठाइयां
- माखन-मिश्री
- चावल के खीर
- पेड़ा
- मालपुआ
- रबड़ी
- रसगुल्ला
- गुलाब जामुन
- बूंदी लड्डू
- बर्फी
- धनिया पंजीरी
- आटे की पंजीरी
- हलवा
- बेसन के लड्डू
- मखाना खीर
- समा के चावल के खीर
- मूंगफली के लड्डू
नमकीन और स्नैक्स
- मठरी
- कचौरी
- पकौड़े
- नमकपारे
- भुजिया
- आलू टिक्की
- आलू चिप्स
- दालमौठ
मुख्य व्यंजन
- पूड़ी
- खिचड़ी
- पुलाव
- दाल
- कढ़ी
- सादा चावल
- मीठे चावल
- मिक्स वेज
फल और ड्राई फ्रूट्स
- केला
- सेब
- अंगूर
- अनार
- आम
- अमरूद
- बादाम
- काजू
- किशमिश
- पिस्ता
- खजूर
- अखरोट
- मूंगफली
दूध से बनी चीजें
- दही
- घी
- मक्खन
- मलाई
- पनीर
- पंचामृत
ड्रिंक्स
- ठंडाई
- लस्सी
- शिकंजी
- गुलाब शरबत
- नारियल पानी
ध्यान रखें कि छप्पन भोग में बनने वाले सभी डिशेज सात्विक होने चाहिए और इनमें प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता.
जन्माष्टमी से एक दिन पहले कैसे करें तैयारी?
- जन्माष्टमी से एक दिन पहले घर के मंदिर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें. बाल गोपाल की मूर्ति, झूला और पूजा सामग्री व्यवस्थित कर रखें.
- अगर आप घर पर भोग तैयार करने वाले हैं, तो दूध, दही, माखन, ड्राईफ्रूट्स, फल और मिठाई बनाने की सामग्री पहले ही खरीद लें. पंजीरी, मठरी और लड्डू जैसी चीजें एक दिन पहले बनाकर रखी जा सकती हैं.
- फूल, रंगोली, लाइट्स, बंदनवार और झूले की सजावट का सामान पहले से तैयार रखें. लड्डू गोपाल के नए वस्त्र और मुकुट की व्यवस्था भी कर लें.
- फलाहार करने वाले लोग फल, मखाना, सिंघाड़े का आटा, दूध और ड्राई फ्रूट्स पहले ही घर में रख लें ताकि व्रत के दिन किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
- भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव रात 12 बजे मनाया जाता है. इसलिए आरती की थाली, शंख, घंटी, पंचामृत, प्रसाद और भजन-कीर्तन की तैयारी पहले से कर लें.
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