श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई पूरी तरह दही हांडी के रंग में रंग चुकी है. शहरभर में गोविंदा पथकों ने मानव पिरामिड बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं और प्रमुख आयोजनों में महिला एवं दृष्टिबाधित गोविंदा टीमों की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. दूसरी ओर, संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने स्वास्थ्य व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा है. घायल गोविंदाओं के इलाज के लिए 105 बेड आरक्षित किए गए हैं और प्रमुख अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं. वहीं आगामी गणेशोत्सव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने डीजे और ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है.

Dahi Handi: दही हांडी की धूम
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शहरभर में दही हांडी की धूम
मुंबई और आसपास के इलाकों में दही हांडी उत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. दादर, परेल, लालबाग, वर्ली, भांडुप, मुलुंड, जोगेश्वरी और अंधेरी समेत कई इलाकों में गोविंदा पथकों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
परेल, लालबाग, वर्ली, दादर, भांडुप, मुलुंड, जोगेश्वरी और अंधेरी के अलावा ठाणे और नवी मुंबई में भी जोरदार तैयारियां की गई हैं. विभिन्न मंडलों में लोकप्रिय हिंदी और मराठी गीतों के बीच उत्सव का माहौल पूरी तरह रंगीन नजर आ रहा है.

Dahi Handi: दही हांडी को लेकर बीएमसी अलर्ट
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बीएमसी ने अस्पतालों को किया हाई अलर्ट
दही हांडी के दौरान मानव पिरामिड बनाने में चोट लगने की आशंका को देखते हुए बीएमसी ने अपने अस्पतालों में विशेष चिकित्सा व्यवस्था की है. महानगरपालिका के अनुसार, 16 उपनगरीय अस्पतालों में कुल 105 बेड आरक्षित किए गए हैं. इसके अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक अस्पताल, परेल के केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है.
बीएमसी का कहना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में घायल गोविंदाओं को तत्काल और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है.
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
दही हांडी कार्यक्रमों में बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए मुंबई पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. प्रमुख आयोजन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन लगातार कार्यक्रमों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
गणेशोत्सव से पहले DJ पर सख्ती
दही हांडी की तैयारियों के बीच आगामी गणेशोत्सव को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है. मुंबई और नवी मुंबई पुलिस ने डीजे और अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नियम तोड़ने वाले गणेश मंडलों, आयोजकों और डीजे संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है. प्रशासन का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों की परंपरा को बनाए रखते हुए कानून और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
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