Consumer Forum Big Decision: पटना के रहने वाले एक व्यक्ति ने 16 जनवरी 2021 को अपने परिवार के साथ पटना से मुंबई होते हुए मंगलुरु जाने के लिए 18,697 रुपये में तीन कंफर्म फ्लाइट टिकट बुक किए थे. उन्हें अपने बेटे की मेडिकल काउंसलिंग में शामिल होने के लिए समय पर मंगलुरु पहुंचना था, लेकिन पटना से मुंबई की फ्लाइट में देरी की वजह से मंगलुरु जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई.
इस दौरान एयरलाइन की ओर से खाना-पानी या अन्य वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था न करने पर पीड़ित को महंगे टिकट खरीदने पड़े. इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम में मामले को चुनौती दी. जहां उपभोक्ता फोरम ने मौसम खराब होने के एयरलाइन के तर्क को खारिज करते हुए यात्री के पक्ष में फैसला सुनाया.
ये है पूरा मामला
पटना एयरपोर्ट पर यात्री के समय से पहुंचने और बोर्डिंग पास मिलने के बावजूद एयरलाइन की पटना-मुंबई फ्लाइट में लगातार देरी होती रही. मुंबई पहुंचने में हुई भारी देरी के चलते परिवार की मुंबई-मंगलुरु कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई. पीड़ित का आरोप है कि घंटों लंबे इंतजार के दौरान न तो एयरलाइन ने उन्हें कोई भोजन या नाश्ता दिया और न ही मंगलुरु जाने के लिए किसी दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था ही की. मजबूरी में यात्री को मुंबई में होटल स्टे, लोकल ट्रांसपोर्ट का खर्च और दूसरी एयरलाइन से ज्यादा कीमत देकर टिकट खरीदने पड़े. हालांकि, एयरलाइन ने बाद में मात्र 4,389 का रिफंड दिया, जिससे असंतुष्ट होकर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया.
उपभोक्ता फोरम ने की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान एयरलाइन ने तर्क दिया कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण फ्लाइट में देरी हुई थी, जो उनके नियंत्रण से बाहर थी. एयरलाइन ने कहा कि वे नियमों के तहत अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं और कनेक्टिंग फ्लाइट का रिफंड पहले ही दे चुके हैं. पटना जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने एयरलाइन के तर्कों को खारिज कर दिया. आयोग ने कहा कि सेवाओं में गंभीर कमी का मामला माना. फोरम ने कहा, चूंकि एयरलाइन ने मुंबई से मंगलुरु के लिए कोई वैकल्पिक फ़्लाइट अरेंज नहीं की, इसलिए यात्री दूसरी एयरलाइन से नया टिकट खरीदने के लिए बाध्य हुआ. यात्री की ओर से प्रस्तुत होटल बिल, ट्रांसपोर्ट खर्च, नए फ़्लाइट टिकट और मंगलुरु में होटल बुकिंग के नुकसान के सबूत पूरी तरह से वास्तविक हैं.
एयरलाइन पर लगा 85,816 रुपये का भारी जुर्माना
उपभोक्ता फोरम ने एयरलाइन को आदेश दिया कि वह पीड़ित यात्री को कुल 85,816 का भुगतान करे. इसमें होटल, ट्रांसपोर्ट, नए टिकट और एडवांस होटल बुकिंग के नुकसान के लिए 20,205 रुपये, हालांकि इसमें से पहले दिए गए 4,389 रुपये का रिफंड घटाकर 15,816 रुपये कर दिया, मानसिक तनाव और शारीरिक परेशानी के लिए 50,000 का मुआवजा और मुकदमों के खर्च यानी कानूनी लड़ाई के खर्च के रूप में 20,000 रुपये देने के आदेश दिए.
फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर हवाई यात्रियों के अधिकार
इस फैसले से साफ होता है कि अगर एयरलाइन खराब मौसम का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचना चाहती है, तो उसे इसका पुख्ता सबूत देना होगा. अगर फ्लाइट में देरी से आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूटती है, तो नियमों के मुताबिक एयरलाइन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी ही होगी. अगर एयरलाइन्स ऐसा नहीं करती है, तो यात्री को इसे कानूनी रूप से चुनौती देने का अधिकार है.
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ऐसे करें शिकायत
अगर आपको भी एयरलाइन, रेलवे या किसी सेवा प्रदाता से शिकायत है, तो आप नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.
- राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन के नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
- आप उपभोक्ता मामलों के विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (NCH) के जरिए भी घर बैठे शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
- ऊपर बताए गए तरीकों से सुनवाई नहीं होने पर उपभोक्ता फोरम में शिकायत करें.
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