Arjun Ki Chaal Benefits: आज के समय में हार्ट से जुड़ी परेशानियां काफी ज्यादा बढ़ रही है. ऐसे में हार्ट को सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है. इसके लिए दवाओं के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपायों की मदद ली जा सकती है. इन्हीं में से एक है अर्जुन की छाल. आयुर्वेद में अर्जुन की छाल का विशेष महत्व है. यह शरीर की कई तरह की परेशानियों को दूर करने में प्रभावी हो सकता है. इसके अलावा हार्ट के लिए भी अर्जुन की छाल काफी फायदेमंद है. कई रिसर्च में भी पाया गया है कि अर्जुन की छाल में ऐसे तत्व होते हैं, जो हार्ट हेल्थ को बेहतर रखने के साथ-साथ शरीर की सूजन को भी कम कर सकते हैं. यहां जानते हैं अर्जुन की छाल के फायदे और इसका काढ़ा कैसे तैयर करें?
अर्जुन की छाल सीने के दर्द में कैसे मदद कर सकती है?
आयुर्वेद में अर्जुन की छाल का इस्तेमाल लंबे समय से दिल को मजबूत बनाने के लिए किया जाता रहा है. कुछ स्टडीज में पाया गया है कि ये हार्ट तक ब्लड को पहुंचाने वाली नसों के कामकाज को बेहतर कर सकती है. इसी वजह से इसे एंजाइना यानी दिल से जुड़े कुछ तरह के सीने के दर्द में फायदेमंद माना जाता है.
हालांकि, अगर सीने मेंअचानक दर्द हो, सांस फूलने लगे या बेचैनी महसूस हो तो इसे हार्ट अटैक का संकेत भी माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
सूजन कम करने में कैसे मदद करती है?
अर्जुन की छाल में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में सूजन पैदा करने वाली प्रोसेस को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसी वजह से इसे सूजनरोधी जड़ी-बूटी माना जाता है.
अर्जुन की छाल का काढ़ा कैसे बनाएं?
आवश्यक सामग्री
- अर्जुन की छाल का चूर्ण - 1 से 2 चम्मच
- पानी - 2 कप
विधि
सबसे पहले एक पैन में 2 कप पानी लें. इसमें अर्जुन की छाल का पाउडर डालकर इसे 20 से 25 मिनट तक उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें. इसके बाद इसे गुनगुना होने तक ठंडा करें और फिर पिएं. आयुर्वेद में इसका सेवन सुबह या शाम करने की सलाह दी जाती है.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
- अगर आप ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं, तो अर्जुन की छाल का सेवन करने से पहले एक्सपर्ट की राय लें.
- गर्भवती महिलाएं भी इसका सेवन करने से परहेज करें.
- गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग.
- ऐसे लोगों को अर्जुन की छाल का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
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