Dal Rice vs Roti Sabzi: हमारे घरों में अगर रोज के खाने की बात हो, तो सबसे पहले दो नाम सामने आते हैं दाल-चावल और रोटी-सब्जी. किसी को दाल-चावल के बिना खाना अधूरा लगता है, तो कोई रोटी-सब्ज़ी को ही सबसे बैलेंस डाइट मानता है. लेकिन, सवाल यह है कि सेहत के लिहाज से कौन-सा कॉम्बिनेशन बेहतर है और खासकर रात के खाने में क्या ज्यादा सही रहता है? आजकल लाइफस्टाइल बदल चुकी है. दिनभर बैठकर काम करना, देर रात तक जागना और कम फिजिकल एक्टिविटी इन सबका सीधा असर हमारी पाचन शक्ति और वजन पर पड़ता है. ऐसे में रात के खाने का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना जरूरी हो जाता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि दाल-चावल और रोटी-सब्जी में से किसके क्या फायदे और नुकसान हैं.
दाल-चावल: हल्का, सरल और सुकून देने वाला भोजन
आसान पाचन: दाल और चावल दोनों ही जल्दी पच जाते हैं, इसलिए पेट पर ज्यादा जोर नहीं डालते.
अच्छा प्रोटीन स्रोत: दाल में मौजूद प्रोटीन शरीर की मरम्मत और ताकत के लिए जरूरी है.
मानसिक सुकून: दाल-चावल खाने से पेट हल्का महसूस करता है और नींद भी बेहतर आती है.

लेकिन कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं:
- ज्यादा सफेद चावल खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है.
- बहुत अधिक मात्रा में खाने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है.
रात में दाल-चावल खा रहे हैं, तो चावल की मात्रा कम रखें और दाल को पतला व हल्का बनाएं.
रोटी-सब्जी: फाइबर से भरपूर और पेट के लिए बेहतर
- फाइबर की अच्छी मात्रा: रोटी (खासकर गेहूं या मल्टीग्रेन) और सब्ज़ियां पाचन सुधारती हैं.
- वजन कंट्रोल में मदद: फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखता है.
- पोषण का संतुलन: अलग-अलग सब्ज़ियों से विटामिन और मिनरल मिलते हैं.
नुकसान कब हो सकता है?
- भारी, तली हुई या ज्यादा मसालेदार सब्ज़ी रात में खाने से गैस और एसिडिटी हो सकती है.
- ज्यादा रोटियां खाने से पेट भारी लग सकता है और नींद प्रभावित हो सकती है.
रात के लिए हल्की सब्जी (लौकी, तोरी, गाजर) और 1-2 पतली रोटी बेहतर विकल्प है.

रात में क्या खाना ज्यादा सही?
- अगर सीधी भाषा में कहा जाए, तो रात का खाना हल्का, कम मात्रा में और जल्दी पचने वाला होना चाहिए.
- जिनका पाचन कमजोर है, उनके लिए हल्का दाल-चावल बेहतर हो सकता है.
- जो वजन कम करना चाहते हैं या डायबिटीज की समस्या है, उनके लिए रोटी-सब्ज़ी ज्यादा सही रहती है.
- रात में खाने के साथ दही, अचार या बहुत तला-भुना खाने से बचें.
दाल-चावल और रोटी-सब्जी, दोनों ही अपने-अपने तरीके से सेहतमंद हैं. फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कितनी मात्रा, कैसे पकाया गया खाना और किस समय खा रहे हैं. रात में पेट को आराम देना सबसे जरूरी है. इसलिए हल्का, सादा और संतुलित भोजन चुनें ताकि नींद भी अच्छी आए और शरीर भी हेल्दी रहे.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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