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उत्तराखंड में कमर्शियल सिलेंडर की भारी कमी, ठप होने वाली है होटल इंडस्ट्री

नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि पर्यटन सीज़न आने वाला है और कमर्शियल एलपीजी की कमी से होटल‑रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि पर्यटकों और कर्मचारियों दोनों के भोजन की व्यवस्था कमर्शियल गैस से ही होती है.

उत्तराखंड में कमर्शियल सिलेंडर की भारी कमी, ठप होने वाली है होटल इंडस्ट्री
  • उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर है, जिसमें होटल और होमस्टे शामिल हैं.
  • ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगी है.
  • लगभग 4500 होटल और 6000 होमस्टे कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं, जिससे भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
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उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है जिसकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर करता है. नैनीताल, मसूरी, हरिद्वार, रामनगर, अल्मोड़ा और ऋषिकेश जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन और तीर्थ क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं. ये सभी होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट और होमस्टे में ठहरते हैं, जहां उनके भोजन‑पानी की व्यवस्था होती है. लेकिन ईरान‑अमेरिका‑इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत में एलपीजी सप्लाई पर भी पड़ना शुरू हो गया है. अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने के कारण भारत सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी है, जिसका सीधा प्रभाव उत्तराखंड के होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग पर पड़ा है.

हजारों होटल‑रेस्टोरेंट पर संकट के बादल

उत्तराखंड में कुल मिलाकर लगभग 4,500 से अधिक होटल और 6,000 से ज्यादा होमस्टे संचालित हैं. अकेले नैनीताल में ही करीब 400 होटल/होमस्टे और 200 के आसपास रेस्टोरेंट हैं. मसूरी में लगभग 325 होमस्टे और 225 होटल, जबकि हरिद्वार और टिहरी में सैकड़ों पर्यटन इकाइयाँ मौजूद हैं. इस विशाल होटल‑रेस्टोरेंट नेटवर्क की दैनिक जरूरत कमर्शियल सिलेंडर से पूरी होती है. सप्लाई रुकने से इन प्रतिष्ठानों में भोजन पकाने की व्यवस्था बाधित हो गई है. कारोबारियों के मुताबिक यदि यह संकट लंबा चला तो पर्यटन सीज़न पर भारी असर पड़ेगा और राज्य को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.

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देहरादून और अन्य जिलों में कमर्शियल सिलेंडर खत्म

देहरादून सहित कई जिलों में मंगलवार दोपहर बाद कमर्शियल गैस सिलेंडर का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो गया. होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालक एजेंसियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया. राज्य में IOC, BPC और HPC मिलाकर लगभग 350 गैस एजेंसियाँ हैं, जिनके पास कुल 29 लाख घरेलू उपभोक्ता और 55,000 व्यावसायिक उपभोक्ता पंजीकृत हैं. जिला पूर्ति विभाग ने एजेंसियों का स्टॉक चेक करना शुरू कर दिया है और प्रतिदिन की गैस बुकिंग तथा डिलीवरी का रिकॉर्ड भी मॉनिटर किया जा रहा है, ताकि काला बाजारी को रोका जा सके.

घरेलू गैस सप्लाई फिलहाल सामान्य, लेकिन नई शर्तें लागू

अधिकारियों का कहना है कि घरेलू गैस की उपलब्धता सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि अब घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बाद 25 दिन का इंतजार अनिवार्य कर दिया गया है. उपभोक्ता बुकिंग करेंगे, उन्हें ओटीपी और डीएसओ कोड मिलेगा जिसके आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

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पर्यटन उद्योग की चिंता: “कमर्शियल सप्लाई रुकी तो कारोबार चौपट”

नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि पर्यटन सीज़न आने वाला है और कमर्शियल एलपीजी की कमी से होटल‑रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि पर्यटकों और कर्मचारियों दोनों के भोजन की व्यवस्था कमर्शियल गैस से ही होती है. सरकार को तत्काल कोई ठोस गाइडलाइन या वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए, अन्यथा पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा.

जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल के अनुसार जिले में घरेलू गैस की उपलब्धता पूर्ण है और उपभोक्ता बिना घबराए अपनी बुकिंग जारी रखें. उन्होंने कहा कि सप्लाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रशासन अतिरिक्त कदम उठाएगा.

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