गर्मियों की शुरुआत के साथ शरीर ठंडे पेय पदार्थों की तरफ भागता है. आपका सब कुछ ठंडा और ताजा पीने का मन करता है. गर्मियों में शरीर के तापमान को सही रखने और स्वाद बढ़ाने के लिए छाछ का सेवन अधिक किया जाता है, लेकिन छाछ सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है, बल्कि इसे पाचन को संतुलित करने और त्रिदोष वात, पित्त व कफ को समभाव में रखने वाला द्रव्य कहा गया है.
आयुर्वेद में छाछ को सबसे ज्यादा लाभकारी और गुणकारी माना गया है. अगर छाछ का सेवन सही समय, सही अनुपात में किया जाए तो यह शरीर के लिए औषधि का कार्य करता है. अगर छाछ का सेवन शरीर के दोषों को समझकर किया जाए तो यह पेट, अग्नि और संपूर्ण शरीर को स्वाभाविक संतुलन प्रदान करता है. अगर शरीर की प्रवृत्ति वात है तो छाछ के सेवन से पहले कुछ बदलाव की जरूरत होती है.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज
वात प्रवत्ति
वात प्रवत्ति के लोगों को ठंडी छाछ के साथ एक चुटकी सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए. इससे पेट से संबंधित परेशानियां नहीं होती हैं और पाचन भी दुरुस्त रहता है. कई लोगों को छाछ के सेवन के तुरंत बाद शौच जाना पड़ता है. ऐसे में काले नमक या सेंधा नमक के साथ सेवन करने से पेट की पाचन अग्नि दुरुस्त रहेगी.
पित्त प्रवत्ति
अगर शरीर की प्रवृत्ति पित्त है तो छाछ को मिश्री के साथ लेना सही रहेगा. पित्त शरीर में गर्मी पैदा करता है. छाछ और मिश्री का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. इससे पेट की जलन और बनने वाला अत्यधिक एसिड कम होता है और पाचन की क्रिया अच्छे से हो जाती है.

कफ प्रवत्ति
अगर शरीर की प्रवृत्ति कफ है तो छाछ में एक चुटकी सोंठ डालकर सेवन करना चाहिए. इससे छाछ पीने के तुरंत बाद कफ नहीं निकलेगा, गले की खराश और नाक भी बंद नहीं होगी. यह पाचन अग्नि को मंद होने से बचाएगा. आर्युर्वेद में स्पष्टता से कहा गया है कि छाछ या कोई भी पेय पदार्थ हर शरीर के लिए एक समान असरकारक नहीं होता है. अगर सही तरीके से पेय पदार्थ या किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ का सेवन किया जाए तो खाना औषधि बन जाती है. इसलिए हमेशा अपने शरीर को पहचानने के बाद ही खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन करें.
History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं