Odisha Death In Fire: ओडिशा में प्राकृतिक आपदा और आगजनी से हुई मौत को लेकर गुरुवार को विधानसभा में एक आंकड़ा पेश किया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी द्वारा विधानसभा में पेश किए गए लिखित आकड़े के मुताबिक प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में आग से जुड़ी दुर्घटनाओं में 416 लोगों की मौत हुई, जबकि पांच सालों में प्राकृतिक आपदाओं में हुए मौत का आंकड़ा 6500 पहुंच चुका है.
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तीन वर्षों में आगजनी में 27.84 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान
गौरतलब है विधानसभा में साझा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि जानमाल के नुकसान के अलावा, पिछले तीन वर्षों में राज्य भर में आग लगने की घटनाओं में 27.84 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है. मंत्री ने विधानसभा में यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों, 2023-24 और 2024-25 के दौरान, राज्य में सांप के काटने, बिजली गिरने और डूबने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण 6578 लोगों की जान चली गई है.
ओडिशा में आपदा संबंधी मौतों का प्रमुख कारण डूबना ही बना रहा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में बिजली गिरने से होने वाली मौतों में वृद्धि के बावजूद ओडिशा में आपदा संबंधी मौतों का प्रमुख कारण डूबना ही बना रहा. ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या 2023-24 में 286 से बढ़कर 2024-25 में 314 हुई. इसके अतिरिक्त, राज्य में सांप के काटने से होने वाली मौतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो 2023-24 में 1,147 से घटकर 2024-25 में 971 रह गई है.
सर्पदंश से होने वाली मौतों की संख्या सर्वाधिक लोग ओडिशा के थे
उल्लेखनीय है ओडिशा लगातार भारत के उन राज्यों में शुमार रहा है, जहां सांप के काटने से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है. एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री सुरेश पुजारी ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि पिछले 5 वर्षों में बिजली गिरने से 1336 लोगों की मौत हुई है.
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