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3 वर्षों में ओडिशा में आगजनी में हुई 416 लोगों की मौत, 5 सालों में प्राकृतिक आपदाओं में हो चुकी हैं 6500 मौतें

Odisha Assembly: विधानसभा में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल 2022-23 में ओडिशा भर में आग दुर्घटनाओं में 192 लोगों की जान चली गई. इसके बाद के वर्षों में मरने वालों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आई, लेकिन 2023-24 में 118 और 2024-25 में 106 मौतें हुईं, जोआग से संबंधित मौतों में धीमी, लेकिन स्थिर कमी को दर्शाती है.

3 वर्षों में ओडिशा में आगजनी में हुई 416 लोगों की मौत, 5 सालों में प्राकृतिक आपदाओं में हो चुकी हैं 6500 मौतें
6,500 DEATHS OCCURED IN ODISHA DUE TO NATURAL DISASTERS IN 5 YEARS

 Odisha Death In Fire: ओडिशा में प्राकृतिक आपदा और आगजनी से हुई मौत को लेकर गुरुवार को विधानसभा में एक आंकड़ा पेश किया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी द्वारा विधानसभा में पेश किए गए लिखित आकड़े के मुताबिक प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में आग से जुड़ी दुर्घटनाओं में 416 लोगों की मौत हुई, जबकि पांच सालों में प्राकृतिक आपदाओं में हुए मौत का आंकड़ा 6500 पहुंच चुका है.

विधानसभा में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल 2022-23 में ओडिशा भर में आग दुर्घटनाओं में 192 लोगों की जान चली गई. इसके बाद के वर्षों में मरने वालों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आई, लेकिन 2023-24 में 118 और 2024-25 में 106 मौतें हुईं, जोआग से संबंधित मौतों में धीमी, लेकिन स्थिर कमी को दर्शाती है.

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तीन वर्षों में आगजनी में 27.84 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान

गौरतलब है विधानसभा में साझा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि जानमाल के नुकसान के अलावा, पिछले तीन वर्षों में राज्य भर में आग लगने की घटनाओं में 27.84 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है. मंत्री ने विधानसभा में यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों, 2023-24 और 2024-25 के दौरान, राज्य में सांप के काटने, बिजली गिरने और डूबने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण 6578 लोगों की जान चली गई है.

ओडिशा में आपदा संबंधी मौतों का प्रमुख कारण डूबना ही बना रहा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में बिजली गिरने से होने वाली मौतों में वृद्धि के बावजूद ओडिशा में आपदा संबंधी मौतों का प्रमुख कारण डूबना ही बना रहा. ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या 2023-24 में 286 से बढ़कर 2024-25 में 314 हुई. इसके अतिरिक्त, राज्य में सांप के काटने से होने वाली मौतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो 2023-24 में 1,147 से घटकर 2024-25 में 971 रह गई है.

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ओडिशा विधानसभा में लिखित जवाब में मंत्री सुरेश पुजारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक साल 2023-24 के दौरान राज्य भर के विभिन्न स्थानीय निकायों में डूबने से 2006 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई. वहीं, साल 2024-25 वित्तीय वर्ष में डूबने से संबंधित मौतों की संख्या में मामूली कमी आई और यह संख्या 1854 रह गई.

सर्पदंश से होने वाली मौतों की संख्या सर्वाधिक लोग ओडिशा के थे

उल्लेखनीय है ओडिशा लगातार भारत के उन राज्यों में शुमार रहा है, जहां सांप के काटने से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है. एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री सुरेश पुजारी ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि पिछले 5 वर्षों में बिजली गिरने से 1336 लोगों की मौत हुई है.

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