अश्वगंधा को आयुर्वेद में एक बेहतरीन जड़ी-बूटी मानी गई है. वहीं, दालचीनी का इस्तेमाल न सिर्फ किचन में होता है, बल्कि आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में भी इसका इस्तेमाल होता है. अश्वगंधा की बात करें, तो इसके सेवन से हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है वहीं, ये शरीर की क्षमता को भी बढ़ावा देता है. वहीं, दालचीनी ब्लड शुगर और मेटाबॉल्जिम को कंट्रोल करने में प्रभावी हो सकते हैं. ऐसे में अगर इन दोनों का सेवन एक साथ किया जाए, तो इससे सेहत को कई फायदे हो सकते हैं. यहां हम अश्वगंधा और दालचीनी से काढ़ा बनाने की रेसिपी और इसके सेवन से होने वाले फायदे बताएंगे. आइए जानते हैं-
अश्वगंधा और दालचीनी का काढ़ा कैसे बनाएं?
- अश्वगंधा और दालचीनी का काढ़ा तैयार करने के लिए सबसे पहले 1 पैन लें.
- इसमें आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर और एक छोटा टुकड़ा दालचीनी का डालें.
- इसके बाद इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जबतक पानी आधा न रह जाए.
- इसके बाद काढ़े को छान लें.
- स्वाद को बेहतर करने के लिए आप इसमें शहद मिक्स कर सकते हैं.
अश्वगंधा और दालचीनी का काढ़ा पीने का सही तरीका क्या है?
सिरसा स्थित रामहंद चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि अश्वगंधा और दालचीनी का काढ़ा आप सुबह खाली पेट या फिर रात में सोने से 1 घंटे पहले कर सकते हैं.
ध्यान रखें कि शुरुआत में आधा कप ही इसका सेवन करें और शरीर की प्रोसेस देखने के बाद मात्रा बढ़ाएं. दिन में एक बार इसका सेवन पर्याप्त होता है. अधिक मात्रा में पीने से कुछ लोगों को पेट संबंधी परेशानी हो सकती है.
अश्वगंधा और दालीचीना का काढ़ा पीने के क्या फायदे हैं?
इस काढ़ा का सेवन करने से शरीर को कई फायदे हो सकते हैं, जैसे-
- तनाव और थकान से मिल सकता है आराम
- इम्यूनिटी को सपोर्ट मिल सकता है
- ब्लड शुगर और पाचन के लिए फायदेमंद
किन लोगों अश्वगंधा और दालचीनी का काढ़ा नहीं पीना चाहिए?
कुछ लोगों को अश्वंगधा और दालचीनी का काढ़ा नहीं पीना चाहिए, जैसे-
- प्रेग्नेंट महिलाएं इसका सेवन न करें.
- स्तनपान कराने वाली माताएं
- थायरायड या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग इस काढ़े का सेवन न करें.
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