Ujjain Mahakaleshwar Temple: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है. अब बाबा के भक्त दुनिया के किसी भी कोने से मंदिर के अन्न क्षेत्र में दान कर सकेंगे. मंदिर समिति पहली बार अन्नदान की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन करने जा रही है. मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह डिजिटल सेवा अगले सोमवार से लागू हो सकती है. इस डिजिटल पहल की सबसे बड़ी विशेषता ‘भोग' से जुड़ी है. सहायक प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि ऑनलाइन दान करने वाले भक्तों को बाबा महाकाल को भोग अर्पित करने का अवसर मिलेगा. दानदाता अपने परिवार के साथ मंदिर आ सकते हैं. मंदिर के कर्मचारी उन्हें बाबा महाकाल के पास लेकर जाएंगे. वहां भक्त अपने हाथों से बाबा को भोग लगा सकेंगे और इस अनूठी सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के अन्नक्षेत्र यानी सामुदायिक रसोई में अब श्रद्धालु ऑनलाइन दान कर सकेंगे. मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की है, जो सोमवार 4 मई से लागू होगी. सहायक प्रशासक सिमी यादव के अनुसार, अन्नक्षेत्र पूरी तरह दान पर ही चलता है. यहां रोजाना करीब 9,000 श्रद्धालुओं को दो समय में भोजन कराया जाता है. ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए अब दान प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है.
महाकालेश्वर मंदिर में दान कैसे करें?
श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर जाकर दान कर सकते हैं.
- पूरे दिन के भोजन के लिए: 1,10,000
- एक समय के भोजन के लिए: 51,000
- मिठाई भोग के लिए: 21,000
पहले दान केवल ऑफलाइन होता था, जिसके लिए श्रद्धालुओं को अन्नक्षेत्र जाकर दान करना पड़ता था. अब लोग साल की किसी भी तारीख के लिए पहले से दान बुक कर सकेंगे. जन्मदिन, शादी की सालगिरह जैसे खास मौके पर भी भोजन अर्पित किया जा सकेगा.
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2025 में ऑनलाइन प्रसाद काउंटर की शुरुआत
इसी तरह, साल 2025 में महाकाल मंदिर में एक ऑनलाइन प्रसाद काउंटर शुरू किया गया था, यह काउंटर पद्म भूषण पं. सूर्यनारायण व्यास गेस्ट हाउस के बाहर, हरसिद्धि मंदिर के पास स्थापित किया गया. इस काउंटर से भक्तजन दिन‑रात कभी भी भगवान महाकालेश्वर का प्रसाद प्राप्त कर सकते थे. यहां बेसन और रागी के लड्डू प्रसाद के रूप में उपलब्ध कराए जाते थे. इस सुविधा से दूर‑दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत हुई और उन्हें लाइन में लगने की परेशानी से भी राहत मिली.
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