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Sant Ki Seekh: रिश्ता एक अर्पण है, जानें कैसे कायम रखें इसकी मिठास?

Sadhguru Relationship Advice: जीवन में रिश्तों की क्या अहमियत होती है? इंसानी रिश्तों में आखिर कब और क्यों टकराव आता है? रिश्तों को मजबूत और मधुर बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए, संत की सीख में विस्तार से बता रहे हैं जाने-माने योगी सद्गुरु.

Sant Ki Seekh: रिश्ता एक अर्पण है, जानें कैसे कायम रखें इसकी मिठास?
Sadhguru Motivational speech: रिश्तों को मजबूत कैसे बनाएं?
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Spiritual advice on relationships: आपके जीवन में कई तरह के रिश्ते होते हैं. इसमें पड़ोसी, मित्र, पत्नी, पति, बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन और प्रेमी शामिल हैं; यहाँ तक कि वे लोग भी जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं - हर चीज रिश्ता है. बुनियादी तौर पर, आपके जीवन में सारे रिश्ते इसलिए बने हैं क्योंकि आपको अपनी कुछ ज़रूरतें पूरी करनी होती हैं - जैसे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक, आर्थिक आदि. आपकी जिस भी तरह की ज़रूरत है, उसे पूरा करने के लिए आप एक खास तरह का संबंध स्थापित करने का प्रयास करते हैं. यदि वह ज़रूरत पूरी नहीं होती, तो वह रिश्ता कायम नहीं रह सकता.

तब रिश्तों में आती हैं मुश्किलें

आज, हमारा जीवन जटिल हो गया है और हम निरंतर एक प्रकार के रिश्ते से दूसरे प्रकार में जाते रहते हैं. एक क्षण आप अपने बिजनेस पार्टनर के साथ फोन पर होते हैं और अगले ही पल आप अपनी पत्नी से बात कर रहे होते हैं. जीवन ऐसा ही है; यह लगातार बदलता रहता है. यदि आप अपनी पत्नी के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा आप अपने बिजनेस पार्टनर के साथ करते हैं, तो आप बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगे. और यदि आप अपने बिजनेस पार्टनर के साथ अपनी पत्नी जैसा व्यवहार करते हैं, तब भी आप मुश्किल में होंगे. इन रिश्तों को बनाए रखने के लिए लगातार अदला-बदली करते रहने की आवश्यकता होती है. 

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यह सब इस पर निर्भर करता है कि आपने अदला-बदली के लिए कितनी गेंदें उठाई हैं. यदि आपके पास केवल एक होती, तो यह आसान होता. लेकिन आपने दस गेंदें उठा ली हैं, तो यह अदला-बदली जटिल हो जाती है. आप उनमें से किसी को भी छोड़ना नहीं चाहते क्योंकि यदि उनमें से कोई एक भी गिरी, तो आपके जीवन का एक हिस्सा बिखर जाएगा. तो आप एक ही समय में दसों गेंदों की अदला-बदली करना चाहते हैं. जब आप दस गेंदों के साथ अदला-बदली कर रहे हों, तो क्या आप किसी और चीज़ के बारे में सोच सकते हैं?

रिश्तों को बेहतर कैसे बनाएं?

अनुभव के स्तर पर जीने का एक और तरीका भी है, जहाँ व्यक्ति बिना किसी रिश्ते के भी रह सकता है. व्यक्ति अपने आप में इतना पूर्ण होता है कि उससे फर्क नहीं पड़ता. लेकिन वर्तमान में, अधिकांश लोगों के लिए, उनके रिश्तों की गुणवत्ता ही उनके जीवन की गुणवत्ता तय करती है. तो आइए देखें कि हम अपने जीवन के हर पल में, चाहे हम जहाँ भी हों, सबसे सुंदर रिश्ता कैसे रख सकते हैं.

अगर आप गौर करें, तो आप विभिन्न प्रकार के रिश्ते बनाकर और विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ करके किसी न किसी तरह खुद को खुश रखने की कोशिश कर रहे हैं. आप दोस्त बनाते हैं, आप शादी करते हैं, आप बच्चे पैदा करते हैं, आप व्यवसाय शुरू करते हैं - आप सब कुछ करते हैं - क्योंकि कहीं न कहीं आप मानते हैं कि इससे आपको खुशी मिलेगी. 

आपने ये सभी रिश्ते खुशी की तलाश में बनाए हैं. या दूसरे शब्दों में, आप लोगों से खुशी 'निचोड़ने' की कोशिश कर रहे हैं. एक बार जब आप ऐसा करते हैं, तो रिश्ते निरंतर परेशानी बन जाएंगे. आप इनके बिना रह भी नहीं सकते और इनके साथ भी आपका निर्वाह नहीं होता. आपके भीतर आनंद या खुशी का कोई बोध नहीं है, तो आप इसे किसी दूसरे से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और वह व्यक्ति इसे आपसे हासिल करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में, इसका एक लड़ाई बन जाना निश्चित है.

कैसे आएगी रिश्तों में मिठास?

यदि रिश्तों को वाकई सुंदर होना है, तो यह बहुत महत्वपूर्ण है कि किसी दूसरे की ओर देखने से पहले, व्यक्ति अपने भीतर मुड़े और स्वयं को बहुत गहराई से देखे. यदि आप स्वयं अपने आनंद का स्रोत बन जाते हैं और आपके रिश्ते अपनी खुशी साझा करने के बारे में होते हैं, न कि किसी से खुशी निचोड़ने के लिए, तब किसी के भी साथ आपके रिश्ते शानदार होंगे.

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क्या दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति है जिसे आपसे कोई समस्या होगी, यदि आप उनके साथ अपनी खुशियाँ साझा कर रहे हों? नहीं. आप उनसे खुशी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पर समस्या है. रिश्ते समस्या इसलिए बन गए हैं क्योंकि हम उनका उपयोग अपने जीवन को उन्नत करने के लिए नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके माध्यम से हम अपने जीवन की खाली जगहों को भरने की कोशिश कर रहे हैं.

यदि आपका रिश्ता किसी से कुछ हासिल करने के बारे में है, तो आप उसे संभालने की चाहे जितनी भी कोशिश क्यों न कर लें, उसमें निरंतर परेशानी बनी रहेगी. यदि आपका रिश्ता उस व्यक्ति के लिए एक 'अर्पण' होता जो अभी आपके बगल में है, तब सब कुछ शानदार होता.

सद्गुरु एक योगी, रहस्यवादी, दूरदर्शी, और एक प्रमुख आध्यात्मिक गुरु हैं. एक लेखक, कवि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त वक्ता के रूप में, सद्गुरु की हाजिरजवाबी और उनका पैना तर्क, जीवन के हमारे बोध को उकसाता है और व्यापक बनाता है.
 

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