इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा. रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट रिश्ते का उत्सव है. रक्षाबंधन सिर्फ एक धागा बांधने का त्योहार नहीं है, यह भाई-बहन के बीच प्यार, विश्वास, संरक्षण और सम्मान का पावन पर्व है. राखी में बहन की शुभकामनाएं और भाई के साथ हमेशा खड़े रहने का भाव छिपा होता है. ऐसे में राखी बांधते समय कुछ चीजों और गलतियों से बचना चाहिए. चलिए आपको बताते हैं रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय क्या करें, क्या न करें और किन गलतियों से बचें.
राखी बांधते समय इन गलतियों से बचें
- बिना पूजा की थाली सजाएं और विधि-विधान के बिना राखी न बांधें.
- राखी बांधते समय जल्दबाजी न करें और पूरे मन से पूजा करें.
- राहुकाल या अशुभ समय में राखी बांधने से बचें.
- भाई के माथे पर तिलक लगाना और आरती करना न भूलें.
- पूजा के दौरान क्रोध, बहस या नकारात्मक बातें करने से बचें.
- राखी बांधते समय भाई की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना जरूर करें.
भद्रा काल में राखी न बांधें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ कामों के लिए भद्रा काल को शुभ नहीं माना जाता है. 27 अगस्त 2026 को भद्रा है. इसलिए, सही मुहूर्त में 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने की सलाह दी जाती है. सिर्फ इसलिए जल्दबाजी न करें कि पूर्णिमा शुरू हो गई है. अगर आपके परिवार में पारंपरिक नियम हैं, तो सही समय आने का इंतजार करें.
पूजा की थाली अधूरी न रखें
रस्म शुरू होने से पहले राखी की थाली तैयार होनी चाहिए. थाली में राखी, रोली, चावल, दीया, मिठाई, फूल और पानी रखें. कुछ परिवार चंदन का पेस्ट, मौली, नारियल, सूखे मेवे या सिक्के भी रखते हैं. आखिरी समय में चीजें न ढूंढें, क्योंकि इससे रस्म का शांतिपूर्ण माहौल खराब हो सकता है.
टूटी या गंदी राखी का इस्तेमाल न करें
राखी टूटी-फूटी, फटी हुई, गंदी या खराब हालत में नहीं होनी चाहिए. यह धागा सुरक्षा और शुभकामनाओं का प्रतीक है. यह खराब या कमजोर नहीं दिखना चाहिए. बांधने से पहले इसे थाली में सुरक्षित रखें.
गुस्से या जल्दबाजी में राखी न बांधें
राखी की रस्म प्यार और शांति से पूरी की जानी चाहिए. रस्म के दौरान कोई बहस, ताने, तेज आवाज या पारिवारिक तनाव नहीं होना चाहिए. अगर भाई-बहनों के बीच छोटी-मोटी समस्याएं हैं, तो भी रस्म को सम्मान पूर्वक निभाएं. उस पल की भावना ही मायने रखती है.
तिलक और अक्षत यानी चावल न भूलें
कुछ लोग जल्दी-जल्दी राखी बांधते हैं और तिलक या चावल लगाना भूल जाते हैं, लेकिन तिलक और अक्षत रस्म के जरूरी हिस्से हैं. तिलक आशीर्वाद और सम्मान देता है. चावल पवित्रता और पूर्णता का प्रतीक है. ये दोनों मिलकर रस्म को और भी शुभ बनाते हैं.
गलत कलाई पर राखी न बांधें
परंपरा के अनुसार, बहनों को अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधनी चाहिए. रस्म शुरू करने से पहले बहनों को यह पक्का कर लेना चाहिए. भाई को शांति से बैठना चाहिए और बहन को भाई की लंबी उम्र, खुशी और सुरक्षा की प्रार्थना करते हुए राखी बांधनी चाहिए.
यह भी पढ़ें:- राखी पर बहन को दें 500 रुपये तक में ये 5 शानदार गिफ्ट, चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान, डेली लाइफ में भी आएंगे काम
यह भी पढ़ें:- रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय बोलें ये मंत्र, भाई-बहन का बढ़ेगा प्रेम, जानिए धार्मिक महत्व
यह भी पढ़ें:- Raksha Bandhan Mehndi Designs: रक्षाबंधन पर हाथों में रचाएं ये खूबसूरत मेहंदी, यहां देखें राखी की मेहंदी के लेटेस्ट डिजाइन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं