रक्षाबंधन आने वाला है. यह हर साल सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त यानी शुक्रवार को मनाया जाएगा, जिसमें बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर उनके लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं और भाई जीवनभर उनकी रक्षा का वचन देते हैं. रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट रिश्ते का उत्सव है. ऐसे में जब बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो उसके साथ बोले गए मंत्र का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मंत्रोच्चारण के साथ बांधी गई राखी भाई की रक्षा, सुख और समृद्धि की कामना को और मजबूत बनाती है. चलिए आपको बताते हैं रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय क्या मंत्र बोलना चाहिए.
राखी बांधते समय कौन-सा मंत्र बोलें?
"येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"
मंत्र का अर्थ
इस शक्तिशाली मंत्र का अर्थ है कि जिस प्रकार महाबली दानवराज बलि को रक्षा सूत्र से बांधा गया था, उसी प्रकार मैं तुम्हें बांधती हूं. यह रक्षा सूत्र भाई की सभी बुराइयों और संकटों से रक्षा करता है. इस मंत्र के साथ राखी बांधने से भाई-बहन के बीच का स्नेह और आपसी विश्वास मजबूत होता है. दाहिनी कलाई पर यह पवित्र धागा सकारात्मक ऊर्जा को संचारित करता है और भाई को सौभाग्य व समृद्धि प्रदान करता है.
राखी बांधने के शुभ मुहूर्त
सुबह 5:45 बजे से 9:45 बजे तक बहनें राखी बांध सकती हैं. दोपहर 1:40 बजे से शाम 4:15 बजे तक शुभ मूहर्त रहेगा. राखी बांधने का शाम का मुहूर्त 6:29 बजे से लेकर रात 9:12 बजे तक है.
राखी बांधने की सही विधि
- रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले भगवान की पूजा करें.
- इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं.
- बहन भाई के माथे पर तिलक लगाए, अक्षत चढ़ाए और उसकी आरती उतारें.
- फिर मंत्र का उच्चारण करते हुए भाई की कलाई पर राखी बांधे और उसके सुखद एवं सफल जीवन की कामना करें.
- अंत में मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लें.
यह भी पढ़ें:- Raksha Bandhan 2026: भाई को राखी बांधने का सबसे सही समय क्या है? भद्रा का डर खत्म, नोट करें 3 शुभ मुहुर्त
यह भी पढ़ें:- Raksha Bandhan 2026: 1,2 या 3 राखी बांधते समय कितनी गांठ लगानी चाहिए? बहनें जान लें जरूरी बात
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं