Premanand Maharaj Ji: वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद जी महाराज के पास देश‑विदेश से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. वह अपने सरल शब्दों और गहरे विचारों के माध्यम से लोगों को अध्यात्म के मार्ग से जोड़ने का प्रयास करते हैं. विराट कोहली, अनुष्का शर्मा समेत कई नामी हस्तियां भी उनके दर्शन कर चुकी हैं. सोशल मीडिया पर उनके प्रवचनों के वीडियो रोजाना वायरल होते रहते हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद करते हैं.
भक्त ने पूछा सवाल
हाल ही में एक भक्त ने उनसे सवाल किया कि क्या किसी पापी व्यक्ति का साथ देने या मदद करने वाला भी पापी कहलाता है. इस सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने क्या उत्तर दिया, आइए जानते हैं...
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
यह भी पढ़ें: Mangal Dosh Remedy: मंगलवार का महाउपाय, जिसे करते ही दूर होंगे सारे दोष और होगा सब मंगल ही मंगल
प्रेमानंद महाराज जी का जवाब
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि किसी दुखी व्यक्ति की मदद करने वाला पापी नहीं, बल्कि पुण्यात्मा कहलाता है. उनका कहना है कि बिना भगवान की इच्छा के किसी पर हमारी दृष्टि ही नहीं पड़ती. यदि कोई व्यक्ति हमारी नजर में आता है, कोई बीमार है तो उसे दवा दिलानी चाहिए, ठंड में कांप रहा है तो उसे वस्त्र देने चाहिए, भूखा है तो उसे भोजन कराना चाहिए.
सेवा का अवसर
जब आपकी दृष्टि किसी पर पड़ी, तो समझिए भगवान ने आपको सेवा का अवसर दिया है. आप जो सेवा करते हैं, वही आपका पुण्य बनता है. इससे सामने वाले के प्रारब्ध के दुख कम होते हैं और आपका पुण्य बढ़ता है. किसी दुखी की सहायता करना उसके पाप का भागीदार बनना नहीं, बल्कि उसके दुख की निवृत्ति और आपके पुण्य की वृद्धि है. आपकी सद्भावना से उसका पाप कर्म कम होता है और तभी उसे सुख की प्राप्ति होती है.
देखिए ये वीडियो
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं