
चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि पुणे की हार के बाद टीम इंडिया सीरीज को 3-1 से जीतना चाहती थी (फाइल फोटो)
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट की सीरीज 2-1 से जीतकर टीम इंडिया ने बॉर्डर-गावस्कर सीरीज अपने नाम कर ली. जीत के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों की खुशी देखते ही बन रही थी. टीम इंडिया की बल्लेबाजी के आधारस्तंभ चेतेश्वर पुजारा ने मैच के बाद कहा, पुणे टेस्ट में मिली करारी हार के बाद हम 3-1 से सीरीज जीतना चाहते थे, वैसे 2-1 की जीत से भी हम सब खुश हैं. पुजारा ने कहा कि तेज गेंदबाजों ने दूसरी पारी में बेहतरीन बॉलिंग की. हमारे बीच अच्छी साझेदारियां भी हुईं. मैंने टीम के बल्लेबाजों से कहा था कि दूसरे दिन के पहले सेशन में हमें विकेट नहीं गंवाना है फिर भले ही ज्यादा रन नहीं बनें. हम यह जानतते थे कि पहले सेशन में हमने विकेट नहीं गंवाए तो अच्छा स्कोर करने में सफल रहेंगे. स्वाभाविक रूप से रन रेट बहुत महत्वपूर्ण नहीं था. होम सीजन मेरे लिए अच्छा रहा. मैंने इसका पूरा आनंद लिया. उम्मीद है कि अगले सीरीज में भी यह प्रदर्शन जारी रहेगा.
सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करने वाले लोकेश राहुल ने कहा कि पुणे के बाद मैंने अपने शॉट्स में कुछ नियंत्रण किया. उन्होंने कहा कि मुझे शॉट खेलना पसंद है. मैं स्पिन गेंदबाजों के ऊपर हावी होकर बैटिंग पसंद करता हूं लेकिन मुझे यहां कुछ अलग तरह से खेलना पड़ा. वैसे मैं इस बात से निराश हूं कि अपनी अर्धशतकीय पारियों को इससे आगे नहीं बढ़ा पाया. धर्मशाला में बल्लेबाजी के दौरान मैंने कुछ गेंदें शरीर पर भी झेलीं. मैं अपने आप से कह रहा था कि टीम के हित के लिए कुछ गेदें शरीर पर 'खाने' के लिए भी तैयार रहो. सीरीज में 17 विकेट लेने वाले उमेश यादव ने कहा, मैं अपने आप से कहा कि यह सीजन का आखिरी टेस्ट है और मुझे कुछ खास करना चाहिए. सीजन के आखिरी टेस्ट में मैंने अपनी पूरी जान लगाई. मैं सहायक कोच संजय बांगड़ का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने बताया कि मेरे मजबूत पक्ष क्या है और मुझे कैसी गेंदबाजी करनी चाहिए. ऑफ स्पिनर आर. अश्विन ने कहा, इस सीरीज में मैं चोटों से संघर्ष करता रहा हूं. टीम स्टाफ और फिजियो ने मुझे मैचों के लिए तैयार करने में भरपूर मदद की. जड्डू और मैंने पूरे सीजन में काफी गेंदबाजी की है. जडेजा का इस बात का श्रेय दिया जाना चाहिए कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से मुझे गेंदबाजी में कुछ प्रयोग करने की आजादी दी.
सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करने वाले लोकेश राहुल ने कहा कि पुणे के बाद मैंने अपने शॉट्स में कुछ नियंत्रण किया. उन्होंने कहा कि मुझे शॉट खेलना पसंद है. मैं स्पिन गेंदबाजों के ऊपर हावी होकर बैटिंग पसंद करता हूं लेकिन मुझे यहां कुछ अलग तरह से खेलना पड़ा. वैसे मैं इस बात से निराश हूं कि अपनी अर्धशतकीय पारियों को इससे आगे नहीं बढ़ा पाया. धर्मशाला में बल्लेबाजी के दौरान मैंने कुछ गेंदें शरीर पर भी झेलीं. मैं अपने आप से कह रहा था कि टीम के हित के लिए कुछ गेदें शरीर पर 'खाने' के लिए भी तैयार रहो. सीरीज में 17 विकेट लेने वाले उमेश यादव ने कहा, मैं अपने आप से कहा कि यह सीजन का आखिरी टेस्ट है और मुझे कुछ खास करना चाहिए. सीजन के आखिरी टेस्ट में मैंने अपनी पूरी जान लगाई. मैं सहायक कोच संजय बांगड़ का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने बताया कि मेरे मजबूत पक्ष क्या है और मुझे कैसी गेंदबाजी करनी चाहिए. ऑफ स्पिनर आर. अश्विन ने कहा, इस सीरीज में मैं चोटों से संघर्ष करता रहा हूं. टीम स्टाफ और फिजियो ने मुझे मैचों के लिए तैयार करने में भरपूर मदद की. जड्डू और मैंने पूरे सीजन में काफी गेंदबाजी की है. जडेजा का इस बात का श्रेय दिया जाना चाहिए कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से मुझे गेंदबाजी में कुछ प्रयोग करने की आजादी दी.
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