India vs Pakistan: अगले महीने शुरू होने जा रहे टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2025) में पाकिस्तान (Pakistan) के भारत के खिलाफ न खेलने के फैसले के ऐलान के बाद से ही मेगा इवेंट तमाम मंचों की सुर्खियों की पहली बड़ी खबर बन गया. आम से लेकर खास तक यह खबर किसी आग की तरह फैल गई. अलग-तरह पहलुओं से संभावित नुकसान के आंकलन लगाए जाने लगे. वैसे क्या आप जानते हैं कि भारत-पाकिस्तान मैच के आयोजन में कितनी लागत लगती है. मैच से शुद्ध मुनाफा लगभग कितने का होता है. और इस मुनाफ से ICC कितना कमाती है? चलिए आपको एक मैच के मॉडल या उदाहरण से बताए गए 15 अहम प्वाइंट्स के जरिए जानिए कि आयोजक (कोई एक एसोसिएशन) प्रति मैच के आयोजन से कितनी कमाई करता है. हालांकि, शुद्ध लाभ बाद में तमाम 'साझीदार' (मसलन आईसीसी के सेंट्रल पूल के हिसाब) से बंटता भी है.
1. गेट मनी (टिकटों की बिक्री) से कमाई
गेट मनी बोले तो स्टेडियम में आने वाले दर्शक. उदाहरण के तौर पर नरेंद्र मोदी स्टेडियम का मॉडल लेते हैं. स्टेडियम की क्षमता 1,32,000 है. मान लेते हैं कि 90 प्रतिशत सीट यानी 1,18,000 टिकट बिक जाती हैं. और औसतन एक टिकट के दाम 5000-50,000 रुपये है. और एक औसतन टिकट का दाम 5 हजार रुपये आता है, तो करीब 59 करोड़ रुपये गेट मनी यानी टिकटों की बिक्री से आते हैं.
2. मेजबानी/कॉर्पोरेट बॉक्स/प्रीमियम पैकेज
फैंस, उद्योगपति और अलग-अलग क्षेत्र के दिग्गज लोग कॉर्पोरेट बॉक्स बुक एडवांस में ही बुका करा देते हैं. और इस मद से भी आयोजक (मैच कराने वाले स्टेडियम को) करीब 25 करोड़ रुपये की आमदनी होती है.
3. ब्रॉडकास्टर से आने वाली रकम (आयोजक को)
यह प्रतियोगिता के हिसाब अनुबंध के हिसाब से अलग-अलग होती है. लेकिन आयोजक/मैच के आयोजन के अधिकार वाले पक्ष की हिस्सेदारी करीब 25 करोड़ रुपये होती है. यह 25 करोड़ रुपये ब्रॉडकास्टर को एक मैच से होने वाली 280-350 करोड़ रुपये की कमाई के हिस्से के रूप में आयोजक को मिलती है.
4. स्टेडियम के भीतर स्थानीय स्पॉन्सरशिप
भारत-पाकिस्तान के मैच पर टूट कर पैसा बरसता है और यहां से आने वाली रकम अनुमान के तौर पर यानी करीब 30 करोड़ रुपये होती है.
5. मर्चेंडाइस (व्यापारिक वस्तुएं) और लाइसेंसिंग (मैच के दिन खास वस्तुओं की बिक्री)
मैच के दिन आयोजक कुछ खास वस्तुओं, निशानियों, खेल के उत्पादों की बिक्री करते हैं. इससे भारत बनाम पाकिस्तान मैच से करीब 3 करोड़ रुपये आते हैं.
6. खाद्य/पेय पदार्थों से कमाई (वेंडर का हिस्सा देने के बाद)
आप देखते हैं कि कैसे मैच में स्टेडिय में एक खास ब्रांड की बोतल या चिप्स की बिक्री होती है. इससे करीब 4 करोड़ रुपये की कमाई होती है.
7. सरकारी फीस (सुरक्षा, स्थानीय महापालिका आदि खर्चे)
इसके तहत भारत में मैच आयोजनकर्ता (राज्य एसोसिएशन) को करीब 1.5 करोड़ रुपये फीस चुकानी पड़ती है.
8. सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था
नरेंद्र मोदी जैसे स्टेडियम में सुरक्षा के लिए दह हजार से भी ज्यादा सुरक्षाकर्मी लगे होते हैं. इसमें स्थानीय पुलिस, एनएसजी कमाडों आदि ओवरटाइम ड्यूटी करते हैं. इसके लिए करीब 6 करोड़ रुपये खर्च होते हैं.
9. ब्रॉडकास्ट प्रोडक्शन (टीवी प्रसारण का खर्च)
इसके तहत मेजबान की फीड, ओबी ट्रक्स, कमेंट्री, अपलिंक सुविधा आदि पर 5 करोड़ रुपये का खर्च आता है.
9. स्टेडियम ऑपरेशन और स्टाफ का खर्च
आप समझ सकते हैं कि चिर-प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच मैच का सफलतापूर्वक आयोजन कितना मुश्किल काम है. जाहिर है बहुत पेशेवर लोगों की जरूरत होती है. इसके लिए 2.5 करोड़ रुपये लागत आती है.
10. टीमों पर लगने वाली लागत
इसके तहत मैच, ट्रैवल, होटल, मैच अधिकारियों के भत्ते आदि पर करीब 2 करोड़ रुपये की लागत आती है
11. मैच का इंश्योरेंस, मेडिकल, आपातकालीन सेवा
किसी भी मैच के लिए ये अनिवार्य बाते हैं और इसके लिए करीब 1 करोड़ रुपये का खर्च आता है.
12. टैक्स और GST
जाहिर है कि भारत में तो मैच आयकर के दायेर में आता है. टिकट और मेजबानी पर 18 प्रतिशत टैक्स लगता है. कुल मिलाकर कर 5.5 करोड़ रुपये बनता है.
13. प्रति मैच से आयोजक को अनुमानित कमाई
खर्चे और लागत से कुल मिलाकर आईसीसी को एक मैच पर करीब 146.4 करोड़ रुपये की कमाई होती है.
14. प्रति मैच आयोजक का अनुमानित खर्च
मैच के आयोजन की अनुमानित लागत करीब 49.14 करोड़ रुपये आती है.
15. भारत vs पाकिस्तान एक मैच से शुद्ध लाभ
अनुमानित आय से खर्चों को घटाने के बाद और टैक्स चुकाने से पहले आयोजकों को करीब भारत vs पाकिस्तान मैच से 97.26 करोड़ रुपये की शुद्ध कमाई होती है. लेकिन टी20 विश्व कप का हाई-प्रोफाइल मुकाबला आयोजक को कॉर्पोरेट टैक्स चुकाने से पहले अधिकतम 160 करोड़ रुपये की शुद्ध कमाई करा सकता है. फिर इस शुद्ध लाभ को ICC साथ बांटा जाता है, जो करीब 60-70 प्रतिशत होता है. यानी शुद्ध कमाई से 160 करोड़ में से करीब 112 करोड़ रुपये ICC के खाते में चला जाता है. ऐसे में मैच लागत (करीब 50 करोड़) घटाने के बाद आयोजक यानी एसोसिएशन को करीब 12-14 करोड़ रुपये प्रति मैच का शुद्ध लाभ टैक्स चुकाने से पहले होता है.
यह भी पढ़ें:
यहां से मिली पाकिस्तान को हिम्मत! ICC के लिए भी सबक? क्या यह बड़ा फैसला लेगी पैटर्न बॉडी?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं