आईपीएल 2026 के आगाज से पहले एनडीटीवी को अपने खास सूत्रों से पता चला है कि राजस्थान रॉयल्स ने सीपीसीपी कंसोर्टियम की तरफ से मिल रही 1.7 अरब डॉलर की राशि को ठुकरा दिया है. भारतीय रुपयों में देखें तो यह धनराशि करीब 16,000 करोड़ रुपये होती है. फ्रेंचाइजी का यह फैसला पहली नजर में धनराशि को और बढ़ाने का नजर आता है. आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के लिए बोली कोलंबिया पैसिफिक कैपिटल पार्टनर्स (सीपीसीपी) ने लगाई थी, जो कि अमेरिका और कनाडा में परिचालन करने वाली एक निवेश बैंकिंग और निजी इक्विटी फर्म है. कंपनी की संस्थापक निशा सचदेवा और देबजीत गुप्ता का कहना था कि वह दो सप्ताह के अंदर पूरा भुगतान कर देंगे. हालांकि, इसके बावजूद राजस्थान रॉयल्स ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.
सीपीसीपी कंसोर्टियम की तरफ से मिल रही इस धनराशि को ठुकराकर राजस्थान रॉयल्स ने बाजार की उम्मीदों को पूरी जरह से बदल दिया है. नए अनुमानों के मुताबिक अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम राजस्थान रॉयल्स से करीब 15% अधिक कीमत हासिल कर सकती है. क्योंकि आरसीबी की ब्रांड, फैन फॉलोइंग और व्यावसायिक आकर्षण राजस्थान रॉयल्स से काफी ज्यादा है.
एनडीटीवी ने अपने सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पहले ही बताया था कि डॉ. रंजन पाई के नेतृत्व वाली मणिपाल हॉस्पिटल्स की एक समूह, जिसमें अमेरिकी निजी इक्विटी कंपनी केकेआर और सिंगापुर की टेमासेक शामिल हैं. वर्तमान में आरसीबी में हिस्सेदारी हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे चल रही है.
आपको बता दें कि आईपीएल फ्रेंचाइजी अब सिर्फ क्रिकेट टीमें ही नहीं रह गई हैं, बल्कि वैश्विक खेल संपदा बन गई हैं. आईपीएल प्रति मैच के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान लीग है.
मौजूदा स्थिति में राजस्थान रॉयल्स का दबदबा साफ नजर आ रहा है. जिन्होंने एक बड़ी बोली को ठुकराकर न केवल अपनी न्यूनतम कीमत बढ़ाई है, बल्कि समानांतर सौदों और आरसीबी की दिशा को भी प्रभावित किया है.
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