हिन्दू पंचांग के अनुसार हर महीने अमावस्या की तिथि आती है और इस दिन पितरों के तर्पण, गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. इस बार ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सोमवार को पड़ रह है, जिस कारण ये सोमवती अमावस्या कहलाएगी. इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती के साथ पितरों की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इसी कड़ी में आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या की सही तिथि और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है.
अमावस्या कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत आज यानी 14 जून को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन कल यानी 15 जून को सुबह 08 बजकर 26 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए सोमवती अमावस्या 15 जून को मनाई जाएगी.
क्या है दान-स्नान का शुभ मुहूर्त?
सोमवती अमावस्या पर दान-स्नान के लिए सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है. ऐसे में 15 जून को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 04 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. इसके चलते सभी इस अवधि में पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त जो सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, भी दान-स्नान के लिए अच्छा रहेगा.

सोमवती अमावस्या का महत्व और पूजा विधि
स्नान-दान
इस दिन पवित्र नदियों गंगा, यमुना आदि या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए. पितरों के निमित्त दान करना उत्तम माना जाता है.
पीपल पूजा
मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर पीपल के वृक्ष में विष्णु जी का वास होता है. पीपल की 108 परिक्रमा करने से सुख-समृद्धि आती है.
पितृ तर्पण
इस दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है.
पति की लंबी आयु
विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए उपवास रखती हैं.
सोमवती अमावस्या पर क्या करें दान?
सोमवती अमावस्या पर जरूरतमंदों को चावल, आटा, दाल, चीनी मिठाई और फल चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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