दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडिय में रविवार देर रात फैंस को इंतजार था कि क्या रिकॉर्ड आठवीं बार चैंपियन बनी टीम इंडिया एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेगी या नहीं. मैच खत्म होने के करीब 45 मिनट बाद भी अवॉर्ड सेरेमनी शुरू नहीं हुई. लगातार उठते सवालों का कोई जवाब नहीं था और सस्पेंस बढ़ता जा रहा था. काफी देर बाद एक तस्वीर सामने आई, जब कैमरों पर बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, सचिव देवजीत सैकिया दिखाई दिए, जो भारतीय टीम के साथ हर्डल में थे. दोनों ने विजेता खिलाड़ियों के साथ कुछ समय बिताया.
इसके कई मिनटों बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी शुरू हुई और बिना टीम इंडिया के ट्रॉफी प्राप्त किए यह खत्म हुई. मोहसिन नकवी स्टेज पर खड़े थे. उपविजेता श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को मेडल मिले. लेकिन टीम इंडिया ट्रॉफी लेने नहीं आई. इसके बाद नकवी झुंझलाहट में वहां से तेजी से निकल गए.
🚨 Mohsin Naqvi stands firm while India refuse to accept the winners trophy from him. pic.twitter.com/a9bagfqxrC
— Ramzy 🇵🇰🇬🇧 (@Ramz_004) September 13, 2026
पिछले साल भी भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप जीतने के बाद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. पिछले साल मैच के बाद होने वाले प्रेजेंटेशन में एक घंटे से ज्यादा की देरी हुई क्योंकि इस बात पर चर्चा चल रही थी कि ट्रॉफी कौन देगा. नकवी ट्रॉफी देने पर अड़े हुए थे और भारतीय खिलाड़ियों ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था.
टीम इंडिया को अभी तक यह ट्रॉफी नहीं मिली है. बाद में, भारत के कप्तान सूर्यकुमार ने ट्रॉफी लेने का नाटक किया और इसे अपने खिलाड़ियों के साथ साझा किया. भारतीय टीम बिना ट्रॉफी लिए लौट आई. इसके बाद बीसीसीआई ने नकवी को ट्रॉफी सौंपने के लिए पत्र भी लिखा और कई मीटिंग भी हुई, लेकिन भारत के चैंपियन होने के बावजूद उन्हें ट्रॉफी नहीं दी गई.
रविवार रात, महिला एशिया कप का फाइनल खत्म होने के करीब 45 मिनट देरी से जब अवॉर्ड सेरेमनी शुरू हुई तो श्रीलंकाई खिलाड़ियों को उनके मेडल और चेक दिए गए और ब्रॉडकास्टर ने बिना भारतीय टीम पर कोई अपडेट दिए, प्रेजेंटेशन सेरेमनी के खत्म होने का ऐलान किया.
हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिछली बार की तरह इस बार नकवी अपने साथ ट्रॉफी लेकर नहीं गए है. वहीं मैच के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार आए तो उनसे इसको लेकर सवाल पूछा गया, जिस पर कोच ने इसे बीसीसीआई का फैसला बताया.
मजूमदार ने कहा,"भारत आधिकारिक तौर पर चैंपियन है. हमारे लिए ट्रॉफी मिले या न मिले, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता. ट्रॉफी न लेने का फैसला बीसीसीआई का है, और हम इसके साथ हैं. हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो चुका है. हम चैंपियन हैं. बस इतना ही काफी है. यह टूर्नामेंट खत्म हो गया है. हमारे लिए तो यह आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुका है."
मैच की बात करें तो भारत ने दोनों विभागों (बल्लेबाजी और गेंदबाजी) में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. भारत ने 183/5 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसमें शेफाली वर्मा (68) और स्मृति मंधाना (59) ने ओपनिंग विकेट के लिए रिकॉर्ड 129 रन की साझेदारी की और शानदार अर्धशतक जड़े. भारतीय गेंदबाजों ने भी अच्छा साथ दिया; श्री चरानी ने चार विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट चटकाकर 'वुमन इन ब्लू' को जीत दिलाई.
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