
ऑस्ट्रेलिया में हुई सीरीज के दौरान विराट और जॉनसन के बीच बहस भी हुई थी (फाइल फोटो)
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन का मानना है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली हताशा के शिकार हो गए हैं. 35 वर्षीय बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने बेंगलुरू टेस्ट के बाद यह टिप्पणी की. टीम इंडिया ने यह टेस्ट जीतकर चार टेस्ट की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. बेंगलुरू टेस्ट के दौरान कुछ विवाद के क्षण भी आए, इसमें मैच के अंतिम दिन DRS के मुद्दे पर विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के बीच हुआ विवाद शामिल है. दोनों देशों के बीच तीसरा टेस्ट मैच रांची में 16 मार्च से प्रारंभ होगा.
बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज जॉनसन ने foxsports.com.au.के लिए लिखे अपने ब्लॉग में कहा कि बेंगलुरू में कोहली पुरानी चालों को आजमा रहे थे. टीम इंडिया के कप्तान के बारे में उन्होंने कहा कि कोहली बेहद उत्साही हैं लेकिन मुझे लगता है कि रन नहीं बना पाने के कारण वे हताशा का शिकार हो रहे हैं. वे बेहतर करने के लिए अपने भावनाओं को खुलकर व्यक्त करते हैं. आधे मैच के दौरान यह बदलाव आया और संयोग से यह टीम इंडिया के लिए बेहतर साबित हुआ. जॉनसन के अनुसार, जब भी कोई विकेट गिरता था, कैमरा तुरंत प्रतिक्रिया को जानने के लिए सीधे विराट कोहली पर केंद्रित हो जाता था. वे जानते हैं कि विराट से उन्हें इस तरह की प्रतिक्रिया मिल सकती है. गौरतलब है कि सीरीज की चार पारियों में अब तक विराट कोहली का बल्ला खामोश ही रहा है और वे 0, 13, 12 और 15 रन ही बना पाए हैं.
जॉनसन ने लिखा कि मेरे मन में दिसंबर 2014 से जनवरी 2015 तक भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे की याद ताजा हो गई है जिसमें मेहमान टीम ने चार टेस्ट की सीरीज में बेहतरीन खेल दिखाया था. हालांकि टीम इंडिया को 0-2 के अंतर से सीरीज गंवानी पड़ी थी. इस सीरीज में कोहली ने बेहतरीन फॉर्म दिखाते हुए 86.5 के औसत से 692 रन बनाए थे जिसमें चार शतक और एक अर्धशतक शामिल था. वर्ष 2015 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले जॉनसन ने लिखा कि दूसरे टेस्ट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए जोरदार संघर्ष का मैंने पूरा आनंद लिया. विराट इस मैच में पूरे जोश में दिखे. वे दर्शकों से भीड़ के समर्थन के लिए कह रहे थे. इससे मुझे एक हद तक अपने खेल के दिनों की याद आ गई.
बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज जॉनसन ने foxsports.com.au.के लिए लिखे अपने ब्लॉग में कहा कि बेंगलुरू में कोहली पुरानी चालों को आजमा रहे थे. टीम इंडिया के कप्तान के बारे में उन्होंने कहा कि कोहली बेहद उत्साही हैं लेकिन मुझे लगता है कि रन नहीं बना पाने के कारण वे हताशा का शिकार हो रहे हैं. वे बेहतर करने के लिए अपने भावनाओं को खुलकर व्यक्त करते हैं. आधे मैच के दौरान यह बदलाव आया और संयोग से यह टीम इंडिया के लिए बेहतर साबित हुआ. जॉनसन के अनुसार, जब भी कोई विकेट गिरता था, कैमरा तुरंत प्रतिक्रिया को जानने के लिए सीधे विराट कोहली पर केंद्रित हो जाता था. वे जानते हैं कि विराट से उन्हें इस तरह की प्रतिक्रिया मिल सकती है. गौरतलब है कि सीरीज की चार पारियों में अब तक विराट कोहली का बल्ला खामोश ही रहा है और वे 0, 13, 12 और 15 रन ही बना पाए हैं.
जॉनसन ने लिखा कि मेरे मन में दिसंबर 2014 से जनवरी 2015 तक भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे की याद ताजा हो गई है जिसमें मेहमान टीम ने चार टेस्ट की सीरीज में बेहतरीन खेल दिखाया था. हालांकि टीम इंडिया को 0-2 के अंतर से सीरीज गंवानी पड़ी थी. इस सीरीज में कोहली ने बेहतरीन फॉर्म दिखाते हुए 86.5 के औसत से 692 रन बनाए थे जिसमें चार शतक और एक अर्धशतक शामिल था. वर्ष 2015 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले जॉनसन ने लिखा कि दूसरे टेस्ट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए जोरदार संघर्ष का मैंने पूरा आनंद लिया. विराट इस मैच में पूरे जोश में दिखे. वे दर्शकों से भीड़ के समर्थन के लिए कह रहे थे. इससे मुझे एक हद तक अपने खेल के दिनों की याद आ गई.
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