इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्काई स्पोर्ट्स पर इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू दिखाए जाने के बाद ऐसी रिपोर्ट्स आईं थी किं पाकिस्तान ने इस टेस्ट के बॉयकॉट की धमकी दी थी. वहीं अब इस मामले पर इमरान खान के बेटों ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि मोहसिन नकवी और पीसीबी ने मैच का बहिष्कार करने की धमकी देकर 'खुद को पूरी तरह बेवकूफ' साबित किया.
बता दें, PCB को स्काई स्पोर्ट्स पर इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी माइकल एथरटन और इमरान के बेटों के बीच हुए इंटरव्यू से नाराजगी थी. जिसे लॉर्ड्स में मैच के दौरान दिखाया गया था. इंटरव्यू के प्रसारण में शुरू में देरी हुई लेकिन इसे रद्द नहीं किया गया, और आखिरकार पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान पर उतरे. हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि PCB ने मैच का बहिष्कार करने की धमकी दी थी. हालांकि, कोच सरफराज अहमद और कप्तान बाबर आज़म दोनों ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था.
वहीं अब इमरान खान के बेटे कासिम ने 'द टेलीग्राफ' से कहा,"उन्होंने खुद को पूरी तरह बेवकूफ साबित किया." सुलेमान ने आगे कहा,"मुझे किसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि वे इतने नासमझ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे. पाकिस्तान के एक पूर्व खिलाड़ी, जो 22 साल तक इंग्लैंड में रहा हो, उसके बारे में लिए गए इंटरव्यू को हटवाने की मांग करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आना चाहिए. यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि मानवीय स्थिति और उनकी सेहत का था."
इस बीच, वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा शनिवार को उन पूर्व क्रिकेटरों में शामिल हो गए जो जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए सही मेडिकल इलाज की मांग कर रहे हैं. लारा ने कहा कि किसी के साथ दया और सम्मान से पेश आना बुनियादी इंसानियत है.
73 साल के इमरान खान भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. उन्हें लगातार जेल में रखने और उनकी सेहत को लेकर आ रही खबरों पर उनके परिवार और कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने आलोचना की है.
लारा ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा,"इमरान खान और मेरी मुलाकात मैदान पर बहुत कम बार हुई, लेकिन उनके लिए मेरे मन में जो सम्मान पैदा हुआ, वह तुरंत और हमेशा के लिए बना रहा." "मुझे यह समझने में मुश्किल हो रही है कि जो व्यक्ति कभी अपने खेल करियर के चरम पर अपने देश के लिए उम्मीद, गर्व और प्रेरणा का प्रतीक था, वह अब ऐसी स्थिति में कैसे हो सकता है जहाँ उसे वह देखभाल, दया और सम्मान नहीं मिल रहा है जिसका वह हकदार है."
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने आगे लिखा,"मैं अपने साथी पूर्व कप्तानों के साथ मिलकर यह मांग करता हूं कि उन्हें सही और स्वतंत्र मेडिकल देखभाल मिले और वह सम्मान मिले जिसके हर इंसान हकदार हैं. यह राजनीति नहीं है. यह हमारे खेल के एक महान खिलाड़ी के लिए बुनियादी इंसानियत है."
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