दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 मंजिला इमारत ढह जाने के बाद दर्जनों छात्र मलबे में फंस गए हैं. इस बिल्डिंग में 'हॉस्टल डेज' नाम से बॉयज पीजी था. चश्मदीदों ने बताया कि मलबे में कम से कम 25-30 छात्र दबे होंगे. बिल्डिंग के बहल में ही फल-सब्जियों की रेहड़ी लगाने वाले भी दबे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और अब तक कुछ लोगों को निकाला जा चुका है.
इस इमारत के बगल में ही दुकान लगाने वाले एक शख्स ने बताया कि जब बिल्डिंग गिरी तो ऐसी आवाज जैसे भूकंप आ गया हो. हम फटाफट भागकर आए तो देखा कि हर तरह धुआं था और पूरी बिल्डिंग गिरी हुई थी.
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मलबे से आ रही 'बचाओ-बचाओ' की आवाज
उन्होंने बताया कि मलबे के अंदर से अभी भी बच्चों की 'बचाओ-बचाओ' की आवाजें आ रही हैं.
उन्होंने बताया कि आज संडे था तो आसपास रहने वाले बच्चे अपने घर चले गए थे लेकिन जो दूर रहते हैं, वे यहीं थे. उन्होंने बताया कि कम से कम 25-30 बच्चे फंसे हुए हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि बिल्डिंग सौ-सौ साल पुरानी है. नीचे ये लोग बेसमेंट बना रहे थे. बिल्डिंग ऊपर से तो मजबूत कर दी लेकिन नीचे से कमजोर है. अब ये बेसमेंट बना रहे थे ताकि रेंट पर दे दें. बिल्डिंग रेनोवेट करवा रहे थे, इस कारण ये गिरी है.
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बिल्डिंग के मालिक को ढूंढ रही पुलिस
जानकारी के मुताबिक, ये 75 बेड वाला पीजी था. ये बिल्डिंग आनंद बंसल नाम के शख्स की है, जो गुरुग्राम में रहता है. पुलिस उसे ढूंढ रही है.
अब तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक बिल्डिंग को एक साल पहले खाली करा लिया गया था, लेकिन दो-तीन महीने पहले यहां फिर पीजी शुरू हो गया.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत के गिरने की सूचना मिली थी. पुलिस ने बताया कि मौके पर फायर ब्रिगेड, CAT एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाएं मौजूद हैं. NDRF की टीम भी पहुंच गई है. बचाव और राहत का काम चल रहा है. पुलिस ने यह भी बताया कि अब तक सही संख्या का पता नहीं चला है.
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