रविवार से एम चिदंबरम स्टेडियम में शुरू हुए दलीप ट्ऱॉफी फाइनल मुकाबले में सुपर किड वैभव सूर्यवंशी को देखने मानो पूरा चेन्नई उमड़ पड़ा. पूर्व क्षेत्र ने टॉस जीतकर पहले बल्ला थामा, तो स्टेडिमय में भीड़ बढ़ती गई. और सूर्यवंशी ने भी जमा हुए इन चाहने वालों को निराश नहीं किया. वैभव ने अनुभवी मोहम्मद सिराज के ओवर में छ्क्का सहित कुछ बेहतरीन शॉट जड़े, तो स्टेडियम की ऊर्चा अलग स्तर पर पहुंच गई. लेकिन जब ये चाहने वाले वैभव से एक बड़ी पारी की उम्मीद कर रहे थे, तो वह पिच पर जमने के बाद एक बार फिर से विकेट फेंक कर आउट हो गए. टूर्नामेंट में ऐसा तीसरी बार हुआ, जब वैभव शतक या अर्द्धशतक के नजदीक पहुंचकर आउट हुए. और मीडियम पेसर चामा मिलिंद ने उन्हें एक साधारण गेंद पर चलता कर दिया
4️⃣,6️⃣,4️⃣
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 6, 2026
Vaibhav Sooryavanshi on the charge with some delightful shots 🔥
The 50-run stand also comes up between Vaibhav and Abhimanyu Easwaran 🙌
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130 किमी/घंटा की भी रफ्तार नहीं थी गेंद में
मिलिंद कोई सुपर पेसर नहीं थे. और जिस गेंद पर उन्होंने वैभव को चलता किया, उसकी रफ्तार 129 किमी/घंटा थी, लेकिन गति से ऊप मिलिंद ने रणनीति को वरीयता दी. और ठीक वही गेंद फेंकी, जिस पर सूर्यवंशी हालिया समय में फंसते रहे हैं. या जिसे पेसरों ने पकड़ लिया लिया है. मिलिंद ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट पिच गेंद वैभव को फेंकी और हमेशा की तरह ही सूर्यवंशी पुल खींचने पर चले गए. दक्षिण क्षेत्र के बॉलर सुबह से ही वैभव को इस तरह की गेंदों का चारा फेंक रहे थे. गेंद सही कनेट्क नहीं हुई. शॉट हवा में और सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी थ्यागराजन ने डीप मिडविकेट पर दौड़ते हुए कैच लपक लिया. और जब उन्हें एक अर्द्धशतक या बड़ी पारी खेलनी चाहिए थी, तब वैभव एक बार फिर से गलत समय पर गलत शॉट खेलकर आउट हो गए
Vaibhav Sooryavanshi is the biggest crowd puller in India after Sachin and Dhoni 🫡🔥 pic.twitter.com/wUlYJZ64V1
— monu (@legumpire_) September 6, 2026
बड़ा मौका गंवाते दिख रहे?
सूर्यवंशी के लिए दिलीप ट्ऱॉफी में बड़े स्कोर बनाकर सेलेक्टरों को यह मैसेज देना था कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए भी तैयार हैं. उन्होंने अच्छी पारियां खेलीं. इनका असर व्हाइट-बॉल जैसा ही था, लेकिन विकेट पर जमने के बाद वैभव वह समय लेकर आउट हुए, जिसे किसी ओपनर या बल्लेबाज के लिए सबसे मुश्किल माना जाता है. नई गेंद पर शुरुआती आधा घंटा! वैभव को इस पर काम करना होगा. बहरहाल, वह फिलहाल (फाइनल में दूसरी पारी से पहले तक) खेले 3 मैचों में 46 के औसत से सबसे ज्यादा 184 रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. दलीप ट्रॉफी से यह तो प्वाइंट वैभव ने साबित कर दिया कि वह रेड-बॉल के भी उम्दा बल्लेबाज हैं लेकिन खामियां दूर करने के साथ ही बड़ी पारियां खेलने का दम उन्हें दिखाना होगा.
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